केवल गौरी लंकेश ही नहीं, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने पर इन 10 पत्रकारों की भी हो चुकी है हत्या

Updated at : 06 Sep 2017 9:34 AM (IST)
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केवल गौरी लंकेश ही नहीं, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने पर इन 10 पत्रकारों की भी हो चुकी है हत्या

नयी दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या के बाद एक बार फिर से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं. हमलावरों ने गौरी लंकेश के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी. पिछले कुछ साल पर नजर डालें तो कई मौकों पर पत्रकारों के द्वारा आवाज उठाने पर उनकी हत्या कर दी […]

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नयी दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या के बाद एक बार फिर से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं. हमलावरों ने गौरी लंकेश के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी. पिछले कुछ साल पर नजर डालें तो कई मौकों पर पत्रकारों के द्वारा आवाज उठाने पर उनकी हत्या कर दी गयी. भारत के संविधान में पत्रकारिता को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दर्जा दिया गया है, लेकिन हाल के कुछ वारदातों को देखें तो ऐसा प्रतित होता है कि इस पेशे से जुड़े लोगों का जीवन खतरे में है. आइए एक नजर कुछ उन वारदातों पर डालें जिसमें पत्रकार की जान जा चुकी है…

1. 13 मई 2016 को बिहार के सीवान में हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान के पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. ऑफिस से लौट रहे राजदेव को नजदीक से गोली मारी गयी थी. मामले की जांच सीबीआइ कर रही है. हत्या का आरोप क्षेत्र के बाहुबली शहाबुद्दीन पर लगा.

2. मई 2015 में मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले की कवरेज करने गये आजतक के विशेष संवाददाता अक्षय सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी. मौत के कारणों से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है.

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3. जून 2015 में मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले में अपहृत पत्रकार संदीप कोठारी को जिंदा जला दिया गया था. महाराष्ट्र में वर्धा के करीब स्थित एक खेत में उनका शव मिला था.

4. साल 2015 में ही उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जला दिया गया. खबरों की मानें तो जगेंद्र सिंह ने फेसबुक पर उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ खबरें लिखी थीं जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गयी थी.

5. साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान नेटवर्क18 के पत्रकार राजेश वर्मा की गोली लगने से मौत हो गयी थी.

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6. आंध्रप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एमवीएन शंकर की 26 नवंबर 2014 को हत्या कर दी गयी थी. एमवीएन आंध्र में तेल माफिया के खिलाफ लगातार खबरें कवरेज कर रहे थे.

7. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाख आवाज बुलंद करने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की सिरसा में हत्या कर दी गयी थी. 21 नवंबर 2002 को उनके ऑफिस में घुसकर कुछ लोगों ने उन्हें गांली मार दी थी.

8. हिंदी दैनिक देशबंधु के पत्रकार साई रेड्डी को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने मौत के घाट उतार दिया था.

9. महाराष्ट्र के पत्रकार और लेखक नरेंद्र दाभोलकर को 20 अगस्त 2013 को मंदिर के सामने बदमाशों ने गोली मार दी थी.

10. मिड डे के मशहूर क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे की 11 जून 2011 को हत्या कर दी गयी थी. उनके पास अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कई जानकारी थी.

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