अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में सीबीआइ ने पूर्व वायु सेना प्रमुख के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Sep 2017 7:17 PM
नयी दिल्ली : सीबीआइ ने 3500 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और नौ अन्य के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर किया. 72 वर्षीय त्यागी पहले वायु सेना प्रमुख हैं जिनके खिलाफ सीबीआइ ने भ्रष्टाचार या किसी आपराधिक मामले में आरोप पत्र […]
नयी दिल्ली : सीबीआइ ने 3500 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और नौ अन्य के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर किया. 72 वर्षीय त्यागी पहले वायु सेना प्रमुख हैं जिनके खिलाफ सीबीआइ ने भ्रष्टाचार या किसी आपराधिक मामले में आरोप पत्र दायर किया है. त्यागी के अलावा एजेंसी ने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जेएस गुजराल के साथ पांच विदेशी नागरिकों समेत आठ अन्य के खिलाफ भी विशेष सीबीआइ न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष आरोप पत्र दायर किया. अदालत ने आरोप पत्र पर विचार करने के लिए छह सितंबर की तारीख निर्धारित की. आरोप पत्र में एंग्लोइतालवी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड भी एक आरोपी है. सीबीआइ के मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर और दस्तावेज और संलग्नक दाखिल करने की संभावना है.
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सौदे में सरकारी खजाने को 39.821 करोड़ यूरो (तकरीबन 2666 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. वीवीआइपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए समझौते पर आठ फरवरी 2010 को हस्ताक्षर हुए थे. आरोप पत्र में जिन अन्य लोगों को नामजद किया गया है उनमें त्यागी के चचेरे भाई संजीव उर्फ जूली, अधिवक्ता गौतम खेतान, कथित यूरोपीय बिचौलिया कार्लो गेरोसा, माइकल जेम्स, गुइदो हाश्के, अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीइओ ब्रूनो स्पैग्लोलिनी और फिनमेकैनिका के पूर्व अध्यक्ष ग्यूसेप ओरसी शामिल हैं.
उनके खिलाफ 450 करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आइपीसी के तहत अपराधों के लिए आरोप पत्र दायर किया गया है. साल 2007 में सेवानिवृत्त हुए त्यागी, उनके चचेरे भाई संजीव और खेतान को पिछले साल दिसंबर में सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था. ये आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. सीबीआइ ने इससे पहले आरोप लगाया था कि वायु सेना प्रमुख के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान त्यागी और उनकी मंजूरी से वायु सेना ने वीवीआइपी हेलीकॉप्टरों के लिए सर्विस सीलिंग की अनिवार्यता को 6000 मीटर से घटा कर 4500 मीटर कर दिया था, जिसका सुरक्षा बाधाओं और अन्य संबंधित कारणों की वजह से वह जोरदार विरोध कर रही थी. उसने दावा किया कि सर्विस सीलिंग को घटाने से अगस्ता वेस्टलैंड दौड़ में आ गयी अन्यथा उसके पास हेलीकॉप्टर बोली के लिए आवेदन जमा करने की योग्यता भी नहीं थी.
सर्विस सीलिंग से आशय वह अधिकतम ऊंचाई है जिस पर आम तौर पर हेलीकॉप्टर उड़ान भरता है. सीबीआइ ने आरोप लगाया है कि अगस्ता वेस्टलैंड काम नहीं कर रहे इंजन से तुलनात्मक उड़ान परीक्षण करवाने में कामयाब रही और आखिरकार रक्षा मंत्रालय से 12 वीवीआइपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का ठेका भी हासिल करने में सफल रही. ऐसा एसपी त्यागी के वायु सेना प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद सर्विस सीलिंग पर वायु सेना के अपने ऱख में नरमी लाने की वजह से हो सका. यह मामले में सीबीआइ की ओर से दाखिल पहला आरोप पत्र है, जिसे 2013 में घोटाले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज किये जाने के तीन साल बाद दाखिल किया गया है.
सीबीआइ ने अपने आरोप में अदालत को सूचित किया है कि वह मॉरीशस, सिंगापुर, यूएइ, ट्यूनीशिया, ब्रिटेन और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड जैसे देशों से 62 करोड़ यूरो (415.40 करोड़ रुपये) का धन आने का पता लगाने में सक्षम हुई है. उसने आरोप लगाया है कि अवैध रिश्वत की रकम खेतान द्वारा बनायी गयी मुखौटा कंपनियों के समूह के साथ यूरोपीय कंपनी के कई कंसल्टेंट अनुबंधों की आड़ में भारत लायी गयी. सीबीआइ ने अपने आरोप पत्र में दावा किया कि ये अनुबंध सिर्फ लोकसेवकों के लिए अवैध रिश्वत की रकम को भुगतान के लिए अंतरित करने के उपाय थे. त्यागी से प्रतिक्रिया मांगने के प्रयास सफल नहीं रहे क्योंकि उन्होंने न तो कॉल रिसीव किया और न ही एसएमएस का जवाब दिया.
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