ePaper

''आत्मघाती दस्ता'' तैयार कर रहा था डेरा सच्चा सौदा, पढ़ें इंदू ने स्टैम्प पेपर पर क्या लिखा

Updated at : 31 Aug 2017 11:38 AM (IST)
विज्ञापन
''आत्मघाती दस्ता'' तैयार कर रहा था डेरा सच्चा सौदा, पढ़ें इंदू ने स्टैम्प पेपर पर क्या लिखा

पंचकूला : दुष्‍कर्म के दोषी गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आयी है. पुलिस के हाथ डेरा से कुछ दस्तावेज लगे हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि डेरा ‘आत्मघाती दस्ता’ तैयार कर रहा था. ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि डेरा प्रमुख पर चल रहे केसों […]

विज्ञापन

पंचकूला : दुष्‍कर्म के दोषी गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आयी है. पुलिस के हाथ डेरा से कुछ दस्तावेज लगे हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि डेरा ‘आत्मघाती दस्ता’ तैयार कर रहा था. ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि डेरा प्रमुख पर चल रहे केसों को लेकर जांच एजेंसियों पर दबाव डाला जा सके.

राम रहीम के आश्रम में पढ़ाता था Bigg Boss का यह कंटेस्टेंट, पढ़ें फेसबुक पर क्या लिखा

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने मामले को लेकर एक खबर प्रकाशित की है जिसके अनुसार डेरा के अनुयायियों में से एक इंदू इंसान ने 20 अक्टूबर, 2005 को डेरा को दिये एक हलफनामे में लिखा था, कि मैंने अपना जीवन मानवता को समर्पित कर दिया है. मेरे जीवन को डेरा सच्चा सौदा द्वारा प्रोत्साहन दिया गया है. अगर मैं किसी दुर्घटना या किसी अन्य कारण से मृत्यु को प्राप्त होता हूं, तो इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार होऊंगा. किसी और को मेरी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. मेरे पहचानवालों या परिवार में से किसी को भी डेरा को जिम्मेदार बताने का अधिकार नहीं होगा.

गुरमीत राम रहीम और उसकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के बीच ये रिश्ता क्या कहलाता है…?

सिरसा निवासी इंदू उन डेरा अनुयायियों में थे जिन्होंने सीबीआइ द्वारा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर आपराधिक मामले चलाये जाने के बाद इसी तरह के कागजात पर हस्ताक्षर किये थे. स्टैम्प पेपर पर बने ये दस्तावेज राम रहीम को ‘मानवता की सेवा के दौरान’ अपने सभी अनुयायियों के प्रति किसी भी जिम्मेदारी से स्वतंत्र करते हैं. पुलिस अधिकारियों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी है कि डेरा अनुयायियों द्वारा ऐसे सैकड़ों दस्तावेज तैयार किये गये थे. 25 अगस्त को कोर्ट द्वारा दुष्‍कर्म का दोषी ठहराये जाने के बाद ये दस्तावेज सामने आ रहे हैं.

खुफिया विभाग के आइजी एके राव ने बताया कि हमारे पास खुफिया जानकारी थी कि इन दस्तों को फिर से सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि साल 2005 में कुछ डेरा अनुयायियों ने आत्मबलिदान देने का प्रयास किया था. उनमें से कुछ इसमें सफल भी हो गये थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola