गुरमीत राम रहीम का सफर : राजस्थान के गंगानगर से रोहतक जेल तक

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Aug 2017 1:25 PM

विज्ञापन

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर लगे रेप के आरोपों पर कल 25 अगस्त को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुनायेगा. ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि फैसला विरोध में जाने पर गुरमीत के समर्थक पंजाब और हरियाणा में हंगामा कर सकते हैं. यही कारण है कि दोनों ही […]

विज्ञापन

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर लगे रेप के आरोपों पर कल 25 अगस्त को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुनायेगा. ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि फैसला विरोध में जाने पर गुरमीत के समर्थक पंजाब और हरियाणा में हंगामा कर सकते हैं. यही कारण है कि दोनों ही प्रदेशों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर लिये गये हैं और स्कूल -कॉलेजों को आज से ही बंद कर दिया गया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि अगर उन्हें जरूरत हुई तो वे प्रदेश में शांति बहाल करने के लिए सेना की मदद भी ले सकते हैं. लेकिन सवाल यह है कि आखिर एक मुख्यमंत्री को यह बात कहनी क्यों पड़ रही है. एक बलात्कार के आरोपी को बचाने के लिए लोग इतने उतावले क्यों हो रहे हैं. आखिर यह किस तरह का जुनून है, जहां एक तथाकथित अपराधी को बचाने के लिए लोग हिंसा तक करने पर उतारू हैं.

गुरमीत राम रहीम पर क्या है आरोप

डेरा सच्चा सौदा की ही एक साध्वी ने गुरमीत राम रहीम सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया है और वर्ष 2002 के मई महीने में उसने एक चिट्ठी प्रधानमंत्री को लिखी थी. इसी मामले में डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रणजीत सिंह की हत्या हो गयी. कहा जाता है कि उन्होंने ही प्रधानमंत्री को अपनी बहन से गुमनाम चिट्ठी लिखवायी थी, उनकी बहन साध्वी हैं. रणजीत सिंह की हत्या 10 जुलाई को हुई थी. 24 सितंबर 2002 को हाईकोर्ट ने इस मामले में गुमनाम पत्र का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच के आदेश दिये थे. गुरमीत सिंह का विवादों से गहरा नाता है. रेप के इस आरोप के अलावा भी उनका नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है, जिनमें बच्चे की मौत पर पत्रकार से विवाद, पत्रकार पर जानलेवा हमला, साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला आदि शामिल है.

राजस्थान में जन्म हुआ है गुरमीत राम रहीम का

गुरू राम रहीम आध्यात्मिक गुरू होने के साथ-साथ समाज सुधारक, गायक, अभिनेता और निर्देशक भी हैं. इन्होंने समाज सेवा के कई काम करवाये. इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने देश के 100 ताकतवर लोगों की सूची में इन्हें वर्ष 2015 में शामिल किया था. गुरमीत का जन्म 15 अगस्त 1967 में नसीब कौर और मगहर सिंह के यहां हुआ था. वे लोग राजस्थान के गंगानगर जिले में रहते थे. 1990 में शाह सतनाम ने इन्हें सत्संग में संत घोषित किया. उनकी शादी हो चुकी है और इनकी तीन बेटियां और एक बेटा है. उन्होंने स्कूली शिक्षा अपने गांव में ही प्राप्त की थी. गुरमीत राम रहीम ने हमेशा राजनीति में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया है. डेरा सच्चा सौदा का सिखों से विवाद तब हुआ था जब सिखों ने आरोप लगाया कि वे गुरू गोविंद सिंह की वेशभूषा की नकल करते हैं.

डेरा सच्चा सौदा से जुड़े 11 बड़े विवाद

1948 में हुई थी डेरा सच्चा सौदा की स्थापना

डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में बलूचिस्तान के शाह मस्ताना ने की थी. यह एक आध्यात्मिक संस्था थी. उनके समर्थक उन्हें बेपरवाह मस्ताना जी महाराज कहकर बुलाते थे. उनकी मौत 1960 में हुई. उनके बाद शाह सतनाम सिंह डेरा के प्रमुख बने. गुरमीत राम रहीम वर्ष 1990 से डेरा के प्रमुख हैं. देश-विदेश में इसके छह करोड़ से अधिक फॉलोवर हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola