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बीजेपी को झटका, चुनाव आयोग ने मानी कांग्रेस की मांग, रद्द होंगे दो वोट

Updated at : 08 Aug 2017 7:21 PM (IST)
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बीजेपी को झटका, चुनाव आयोग ने मानी कांग्रेस की मांग, रद्द होंगे दो वोट

पिछले छह घंटे से लगातार चल रहे गहमागहमी के बाद आखिरकार चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी की मांग मान ली. चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के दो विधायकों के वोट को अमान्य करने की मांग की थी. इन विधायकों पर आरोप था कि मतदान करते समय दोनों ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी […]

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पिछले छह घंटे से लगातार चल रहे गहमागहमी के बाद आखिरकार चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी की मांग मान ली. चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के दो विधायकों के वोट को अमान्य करने की मांग की थी. इन विधायकों पर आरोप था कि मतदान करते समय दोनों ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी को बैलेट पत्र दिखाते हुए यह साबित करने की कोशिश की थी कि हमारा वोट भाजपा को जा रहा है. उधर वोटों की गिनती पांच बजे शुरू होने वाली थी लेकिन कांग्रेस की शिकायत के बाद करीब छह घंटे तक चुनाव आयोग में मंथन चला. इस दौरान कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल तीन-तीन बार चुनाव आयोग पहुंचे और अपने – अपने पक्ष को मजबूत साबित करने के प्रयास में जुटे रहे. गुजरात के गांधीनगर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी अपने विधायकों के साथ पूरी घटनाक्रम पर नजर बनाये हुए थे. रात 11.30 बजे पूरा मामला साफ हो पाया. चुनाव आयोग के इस फैसले से अहमद पटेल के जीतने के आसार बढ़ गये हैं.

भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद, मुख्तार अब्बास नकवी और पीयूष गोयल चुनाव आयोग पहुंचे थे. बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी चुनाव आयोग पहुंचे.उधर सबकी निगाहें चुनाव के परिणाम पर टिकी है. राज्यसभा चुनाव के लेकर किसी तरह का अंदाजा लगाना कठिन हो रहा है क्योंकि जदयू के एक विधायक का वोट कांग्रेस को जाने की अटकले लगायी जा रही है.

पूरी लड़ाई का केंद्रबिन्दु अहमद पटेल बन चुके हैं. भाजपा अपनी पूरी ताकत अहमद पटेल को हराने में लगा दी है, वहीं कांग्रेस अहमद पटेल को हर हाल में जीताना चाह रही है. पूरी घटनाक्रम पर नजर रखने वाले पत्रकार बताते हैं कि यह लड़ाई सिर्फ एक राज्यसभा सीट की लड़ाई नहीं है, बल्कि कांग्रेस भाजपा के आक्रमक रूख का जवाब देना चाहती है. कांग्रेस ने जैसे ही चुनाव आयोग पी चिंदबरम को भेजा, भाजपा की ओर से अरुण जेटली चुनाव आयोग पहुंचे.

8:56PM : कांग्रेस पार्टी के व्यवहार से हैरान हूं. एक बार वे आए अपनी बात कह दी. फिर दुबारा अपने बड़े नेताओं को लेकर आए,चुनाव आयोग के नियम स्पष्ट हैं, कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं: रविशंकर प्रसाद

8:50PM : अरुण जेटली भी पहुंचे चुनाव आयोग

8:23PM:हमने आग्रह किया था कि कांग्रेस, बीजेपी और पीठासीन अधिकारी साथ में विडियो देखें, लेकिन बीजेपी से विरोध किया हम आयोग के फैसले का इंतजार कर रहे हैं: अर्जुन मोढवाडिया, कांग्रेस

8:19PM : चुनाव आयोग बना अखाड़ा, कांग्रेस और भाजपा के कद्दावर नेता लागातर चुनाव आयोग का रूख कर रहे हैं

वहीं, केसी त्यागी के उस दावे को जदयू की गुजरात इकाई ने खारिज कर दिया कि उनके एमएलए ने भाजपा के लिए वोट दिया. जदयू की गुजरात इकाई के महासचिव अंबालाल जाधव ने कहा कि केसी त्यागी हैं कौन. उन्होंने कहा कि जदयू एमएलए ने अहमद पटेल के लिए वोट किया.

VIDEO: वाघेला ने नहीं दिया अहमद पटेल को वोट, कहा- कांग्रेस को वोट देने से कोई फायदा नहीं

वोटों की गिनती शाम पांच बजे से होनी थी
कांग्रेस ने दावा किया कि शंकर सिंह वाघेला गुट के दो विधायक — राघवजी पटेल और भोला गोहिल ने पार्टी के अधिकृत एजेंट के साथ ही भाजपा के एजेंट को भी अपने मतपत्र दिखाए.कांग्रेस ने दावा किया कि पटेल और गोहिल ने अपने मतपत्र कांग्रेस एजेंट शक्ति सिंह गहलोत और भाजपा एजेंट को दिखाए और इस तरह उनके वोट अमान्य हो गए हैं.
पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ‘ ‘उन्होंने भाजपा को वोट दिया है. मतपत्र मुझे दिखाने के बाद उन्होंने अमित शाह की तरफ भी मतपत्र लहराए और इसका वीडियो भी मौजूद है. ‘ ‘ उन्होंने कहा, ‘ ‘…पीठासीन अधिकारी डी एम पटेल दबाव में हैं. हम वीडियो की आधिकारिक प्रति की मांग करेंगे और अगर वीडियो से छेडछाड होती है तो हम उच्चतम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे. ‘ ‘ गोहिल के आरोपों पर राज्य भाजपा अध्यक्ष जीतू वाघानी ने कहा कि इस तरह की मांग विपक्षी दल की हताशा को दर्शाता है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि उसकी हार हो रही है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘ ‘कांग्रेस की अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है और इस तरह की मांग :वीडियो दिखाने और दो विधायकों के वोट को अमान्य करना: उनकी हताशा को दर्शाता है. वे वोटों की गिनती का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे हारने वाले हैं. ‘ ‘ कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अहमद पटेल के लिए यह काफी कठिन चुनाव है क्योंकि उन्हें जीतने के लिए 45 वोटों की जरूरत है जहां उनकी पार्टी के कई सदस्य या तो सत्तारुढ भाजपा में चले गए हैं या उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है.पटेल का मुकाबला बलवंत सिंह राजपूत से है जो भाजपा में शामिल होने से पहले विधानसभा में कांग्रेस के ‘मुख्य सचेतक ‘ थे
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