नरेंद्र मोदी व बेंजामिन नेतनयाहू के बीच द्विपक्षीय वार्ता, प्रधानमंत्री ने मोशे से भी की मुलाकात

By Prabhat Khabar Digital Desk
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तेल अवीव/येरुशलम : इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता के बाद आज कहा कि हमें आतंकवाद की शक्तियां चुनौती दे रही हैं. हमने इस क्षेत्र में सहयोग पर सहमति जतायी है. उन्होंने कहा कि भारत ने उसी तरह से हिंसा और आतंकी धमकियों को झेला है जिस तरह से इस्राइल ने. हमने अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने पर सहमति जताई है.

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि हमने पश्चिम एशिया और व्यापक क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की. भारत को उम्मीद है कि शांति, वार्ता और संयम कायम रहे. मोदी ने इस्त्राइल के लोगों द्वारा की गयी प्रगति की तारीफ की. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं आर्थिक विकास पर हमारी सोच एक जैसी है. भारत और इस्राइल ने औद्योगिक शोध एवं विकास और नवोन्मेष के लिए चार करोड़ अमेरिकी डॉलर का कोष स्थापित करने पर सहमति जतायी.


मोदी-नेतन्याहू वार्ता के बाद भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवादियों को वित्तपोषण और पनाह देने वालों सहित आतंकवाद के खिलाफ सख्त प्रावधान के पक्ष में दोनों देश हैं. विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा, भारत और इस्राइल के बीच आंतिरक सुरक्षा पर सहयोग बढाया जाएगा.



द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोशे होल्ट्जबर्ग नामक उस बालक से मिले जिसके माता-पिता 2008 के मुंबई आतंकी हमले में मारे गये थे. तब मात्र दो साल का रहा मोशे इस आतंकी हमले में बच गया था. मोशे ने मोदी से मुलाकात के दौरान कहा कि : मैं आप एवं भारत में आपके लोगों से प्यार करता हूं.


इस दौरान मोशे का परिवार भी उसके साथ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोशे को भारत आने का न्यौता दिया. मोशे के दादा ने कहा कि जैसा प्यार आपने इसके लिए दिखाया है, वैसे ही यह आपको प्यार करता है. प्रधानमंत्री मोदी ने मोशे को भारत आने का न्यौता दिया. इस दौरान मौजूद इस्त्राइली प्रधानमंत्री नेतानयाहू ने कहा कि वे स्वयं मोशे को अपने साथ लेकर भारत आयेंगे.

पढ़िए मोशे की कहानी


मुंबई : वर्ष 2008 के मुंबई हमलों में बचा इस्राइली बच्चा मोशे होल्ट्जबर्ग यरुशलम में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर पहले से ही बेहद रोमांचित और भावुक था. मोशे के दूसरे जन्मदिन से थोड़ा पहले पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई में कई जगह हमले किए थे. उन्होंने चाबड हाउस को भी अपना निशाना बनाया था तथा मोशे, उसके माता-पिता और कई पर्यटकों को बंधक बना लिया था. मोशे की देखभाल करने वाली दाई सांद्रा सैम्यूल्स भी इमारत में मौजूद थी, लेकिन वह एक कमरे में सीढियों के नीचे छिपकर जान बचाने में सफल रही थी. वह तब बाहरआयी जब उसने मोशे के रोने की आवाज सुनी और उसे उसके माता-पिता के शवों के बीचखड़े पाया. उसने उसे गोद में उठाया और इमारत से बाहर निकलगयी. इस इमारत को 'नरीमन हाउस ' नाम से भी जाना जाता है जो व्यापक नवीनीकरण के बाद 2014 में फिर से खुला.

मोशे अब अपने दादा-दादी रब्बी शिमोन रोसेनबर्ग और येहुदित रोसेनबर्ग के साथ आफुला में रहता है. रब्बी शिमोन रोसेनबर्ग ने यरुशलम से फोन पर समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषाको आज दिन में बताया था कि, ' 'मोशे रोमांचित और भावुक है. हम सभी हैं. हम मोदी की इस्राइल यात्रा और हमसे मिलने के उनके फैसले के महत्व को जानते हैं. ' ' अब 11 साल के हो चुके मोशे से मिलकर मोदी एक विशिष्ट संबंध बना रहे हैं.

मुंबई आतंकी हमले में मोशे के पिता और माता - रब्बी गेवरियल तथा रिवका होल्ट्जबर्ग मारे गए थे. वे चाबड हाउस के निदेशक थे.

रोसेनबर्ग ने कहा था, ' 'हम सभी भारत के प्रधानमंत्री से मिलने आफुला से यहां यरुशलम आए हैं. यह मुलाकात हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 125 करोड़ भारतीयों के प्रधानमंत्री ने मोशे और हमसे मिलने की इच्छा जताई है. ' ' उन्होंने कहा, ' 'भारत ने मोशे और हम सबको बहुत प्यार दिया है. यह जानकर अच्छा लगा कि हमें भुलाया नहीं गया है और भारतीय हमारे दुख में हमारे साथ हैं. ' ' यह पूछे जाने पर कि क्या मोशे को मुंबई में चाबड हाउस पर हुए हमले की याद है, रोसेनबर्ग ने कहा, ' 'वह (आतंकी हमले पर) ज्यादा नहीं बोलता, लेकिन कहता है कि चाबड हाउस उसका घर है. ' ' रोसेनबर्ग ने कहा कि मोशे दो साल बाद 13 साल का होने पर चाबड हाउस जाएगा.

मोशे के दादा ने कहा, ' 'जब मुझे भारतीय राजदूत ने फोन कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमसे मिलना चाहते हैं तो मुझे अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ. ' ' सैम्यूल्स (53) को 2008 में इस्राइल की मानद नागरिकता दीगयी थी. वह अक्सर यरुशलम स्थित अपने घर से मोशे और उसके दादा-दादी से मिलने जाती रहती हैं. सैम्यूल्स को भी प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आमंत्रित किया गया है.

मुंबई स्थित चाबड हाउस के निदेशक रब्बी इस्राइल कोज्लोव्स्की ने कहा कि वह भारत और इस्राइल के बीच हमेशा से कहीं अधिक मित्रवत संबंधों के एक नए युग की उम्मीद कर रहे हैं.

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