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मध्यप्रदेश में उपवास बनाम सत्याग्रह की लड़ाई : शिवराज के खिलाफ ज्योतिरादित्य को कांग्रेस ने उतारा मैदान पर

Updated at : 11 Jun 2017 2:16 PM (IST)
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मध्यप्रदेश में उपवास बनाम सत्याग्रह की लड़ाई : शिवराज के खिलाफ ज्योतिरादित्य को कांग्रेस ने उतारा मैदान पर

भोपाल : मध्यप्रदेश में कियान आंदोलन चरम पर है. छह जून को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद राज्‍य में हिंसा फैल गयी. किसान आंदोलन पर हैं. इधर राज्य में शांति बहाली के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपवास पर बैठ गये थे. […]

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भोपाल : मध्यप्रदेश में कियान आंदोलन चरम पर है. छह जून को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के बाद राज्‍य में हिंसा फैल गयी. किसान आंदोलन पर हैं. इधर राज्य में शांति बहाली के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उपवास पर बैठ गये थे. हालांकि उन्होंने अपना उपवास आज दूसरे दिन समाप्त कर लिया है.

इधर मध्यप्रदेश में उपवास बनाम सत्याग्रह की लड़ाई शुरू हो गयी है. प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शिवराज सिंह के उपवास को नाटक करार दिया है. कांग्रेस ने शिवराज के उपवास के खिलाफ अपने प्रमुख नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैदान पर उतारने की तैयारी में है.

सिंधिया ने 14 अगस्‍त से 72 घंटे का सत्‍याग्रह करने की घोषणा कर दी है. इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी. खबर है कि सिंधिया सत्‍याग्रह आरंभ करने से ठिक एक दिन पहले मंदसौर जाकर मारे गये किसानों के परिजनों से मुलाकात करेंगे. सिंधिया ने इस सत्‍याग्रह में लोगों को शामिल होने के लिए आग्रह किया है.
* मृत किसानों के परिजन ने मुख्यमंत्री से किया अनशन समाप्त करने का आग्रह
मंदसौर में हिंसा में मारे गए किसानों के परिजन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उनसे अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया. इसकी जानकारी खुद सीएम ने दिया. उन्‍होंने बताया कि मारे गए पांच किसानों में से चार के परिजनों ने मुझसे मिलकर उपवास समाप्‍त करने का आग्रह किया. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो.
गौरतलब हो कि छह जून को मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी और छह अन्य किसान घायल हो गये थे, जिसके बाद किसान भड़क गये थे और किसान आंदोलन समूचे मध्यप्रदेश में फैल गया तथा और हिंसक हो गया. अपनी उपज का सही मूल्य दिलाये जाने और कर्ज माफी समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने यह आंदोलन किया.
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