UP Weather: रोहिणी नक्षत्र के तीसरे दिन यूपी में आंधी के साथ भारी बारिश, मलिहाबाद के आम की फसल चौपट

Updated:
विज्ञापन

UP Weather: यूपी के हुई आंधी के साथ बारिश से दस दिन बाद तैयार होने वाली फसल का काफी हिस्सा गिर गया है. अब ऐसा लगता है कि बाग की धुलाई, दवाओं के छिड़काव का खर्च और सिंचाई का पैसा भी निकलना मुश्किल है.

विज्ञापन

लखनऊ. 25 मई से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत हो गई है. रोहिणी नक्षत्र के तीसरे दिन यूपी में आंधी के साथ भारी बारिश हुई. जिसके कारण मलिहाबाद के आम की फसल पूरी तरह से चौपट हो गयी है. बारिश और आंधी ने आम बागवानों के मालिकों के चेहरे मायूस कर दिए हैं. आम उत्पादक के अनुसार आंधी-बारिश में लगभग 10 प्रतिशत आम बर्बाद हो गये हैं. आंधी में गिरा आम अब सिर्फ अचार आदि के काम ही आएगा. आम बागवान के मालिकों का कहना है कि पहले बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण शुरूआत में ही 60 से 70 प्रतिशत आम गिर गये थे. जो बचे हुए आम थे, उनमें से 10 प्रतिशत आम आज भरभराकर गिर गये है. मलिहाबाद के किसान पूरी तरह से चिंतित है.

मलिहाबाद के किसान पूरी तरह से चिंतित

इस संबंध में मलिहाबाद क्षेत्र के बागवान रामलखन प्रजापति, हेमनाथ गौतम, सिद्धार्थ गौतम, मिश्री लाल यादव कहते हैं कि नुकसान तो बहुत हो चुका है. पहले भी बारिश और आंधी से फसल बर्बाद हो चुकी है. इस बार तो और ज्यादा क्षति हुई है. पहले ओलावृष्टि से बौर खराब हुआ था. इसके बाद अब आंधी से दस दिन बाद तैयार होने वाली फसल का काफी हिस्सा गिर गया है. अब ऐसा लगता है कि बाग की धुलाई, दवाओं के छिड़काव का खर्च और सिंचाई का पैसा भी निकलना मुश्किल है. अब इस आम को खटाई के लिए ही बेचना पड़ेगा अब और कोई रास्ता नहीं है. लेकिन इतना आम गिर गया है कि लगता है कि खटाई के लिए भी कोई खरीदार नहीं मिलेगा.

Also Read: नीति आयोग की बैठक में CM योगी ने रखी यूपी की उपलब्धियां, PM मोदी के मंत्र से बना उद्योगों का ड्रीम डेस्टिनेशन
आंधी-बारिश से भारी नुकसान

उत्तर प्रदेश में आम की करीब 1000 किस्में हैं. खराब मौसम के बावजूद प्रदेश का आम उत्पादन 2022-23 में ठीक ठाक था. आंकड़ों के अनुसार कुछ राज्यों में अच्छी पैदावार सबसे गर्म मार्च के महीने के कारण भी प्रभावित नहीं हुई. मलिहाबाद के बागवान मालिकों का कहना है कि इस साल वसंत के मौसम में बारिश और ओलों ने मधुमक्खियों को भगा दिया. मधुमक्खियां परागण में काफी सहायक होती हैं. इससे आम का उत्पादन घट गया है. ऐसे में इस साल कम फसल के कारण खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाएगा.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola