मधेपुरा में नाबालिगों की ट्रिपल लोडिंग बाइक सवारी बन रही जानलेवा, हर दिन बढ़ रहा हादसों का खतरा
नाबालिगों की ट्रिपल लोडिंग बाइक सवारी
Madhepura News: मधेपुरा में नाबालिगों की ट्रिपल लोडिंग बाइक सवारी चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है. बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट सड़कों पर दौड़ती बाइक्स न सिर्फ नियमों को चुनौती दे रही हैं, बल्कि कई जिंदगियों को भी खतरे में डाल रही हैं.
मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Madhepura News: मधेपुरा जिले में इन दिनों सड़कों पर एक खतरनाक प्रवृत्ति तेजी से बढ़ती नजर आ रही है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बड़ी संख्या में नाबालिग किशोर ट्रिपल लोडिंग के साथ बाइक चलाते देखे जा रहे हैं. इनमें अधिकांश के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही वे हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्कूल और कोचिंग टाइम में सबसे ज्यादा दिखता है यह नजारा
मधेपुरा की सड़कों पर सुबह और दोपहर के समय स्कूल एवं कोचिंग संस्थानों के आसपास नाबालिग बाइक चालकों की संख्या अचानक बढ़ जाती है. कई किशोर स्कूल यूनिफॉर्म में ही तीन-तीन लोगों को बैठाकर तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते नजर आते हैं. कई बार स्टंटबाजी और लापरवाह ड्राइविंग भी देखी जाती है, जिससे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं.
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार ट्रिपल लोडिंग और अनुभवहीन चालक सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं. संतुलन बिगड़ने, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है. हाल के वर्षों में जिले में कई ऐसे हादसे सामने आए हैं, जिनमें नाबालिग चालकों की लापरवाही के कारण गंभीर चोटें आईं और कई लोगों की जान तक चली गई.
कार्रवाई के बावजूद क्यों नहीं थम रही लापरवाही?
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर हेलमेट जांच, लाइसेंस जांच और ट्रिपल लोडिंग के खिलाफ अभियान चलाती है. बावजूद इसके यह समस्या लगातार बनी हुई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार जांच अभियान के दौरान नाबालिग बाइक छोड़कर भाग जाते हैं. वहीं कुछ अभिभावक भी बच्चों को बाइक उपलब्ध कराकर अनजाने में इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं.
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अभिभावकों और स्कूलों की भूमिका सबसे अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या के समाधान में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. माता-पिता को नाबालिग बच्चों को बाइक चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. वहीं स्कूल प्रशासन को भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और बाइक से आने वाले छात्रों की निगरानी करने की जरूरत है.
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Madhepura News: कानून क्या कहता है?
मोटर वाहन अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है. यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक या अभिभावक के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. ट्रिपल लोडिंग भी पूरी तरह गैरकानूनी है और इसके लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
मधेपुरा में बढ़ती इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकती है. सड़क सुरक्षा प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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