यूपी में आफत की बारिश ने किसानों की बढ़ाई मुश्किलें, गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान, आम बागवान मायूस

किसानों के मुताबिक पहले ही आलू के भाव कम होने से घाटा उठाना पड़ा और अब बारिश से गेहूं व सरसों की फसल का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है, ऐसे में हर तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इस बारिश के कारण किसानों को सभी प्रकार की फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है.
Lucknow: प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आया है. राज्य में कई जगह बीते अड़तालीस घंटे से मौसम में बदलाव के कारण फसलों पर असर पड़ा है. ओलावृष्टि, बारिश के साथ तेज हवाओं की वजह से खेतों में खड़ी फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है.
गेहूं की फसल जहां गिर गई है, वहीं सरसों की फलियां टूट गईं. राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में सोमवार सुबह से ही एक बार फिर तेज बारिश और हवाओं के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं. किसानों के लिए ये आफत की बारिश साबित हुई है.
तेज बारिश से सब्जियों पर भी पड़ेगा असर
मौसम विभाग ने 20 और 21 मार्च को बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. ऐसे में किसानों के लिए ये सप्ताह भी संकट भरा रहने वाला है. बारिश की वजह से आलू की खुदाई भी प्रभावित हुई है, वहं आम का बौर झड़ गया है. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में कई जगह चना आदि फसलों की कटाई चल रही है. तेज बारिश को लेकर यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही तो किसानों को काफी नुकसान होगा. तेज बारिश होने पर सभी सब्जियां भी प्रभावित होंगी.
प्रदेश में तेज बारिश की वजह से खेतों में तैयार खड़ी सरसों की फसल के दाने गिर गए. इससे भी काफी नुकसान किसानों को हुआ है.आम पर काफी बौर आने से उत्साहित बागवानों के चेहरे पर भी इस बारिश से हुए नुकसान के कारण उदासी आ गई है. वहीं जहां आलू की अभी खोदाई नहीं हुई है, उसमें इस बारिश के कारण गलाव शुरू हो जाएगा. इसके अलावा भी तोरई व खीरा की फसल भी बारिश के कारण प्रभावित हुई है.
किसानों के मुताबिक पहले ही आलू के भाव कम होने से घाटा उठाना पड़ा और अब बारिश से गेहूं व सरसों की फसल का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है, ऐसे में हर तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इस बारिश के कारण किसानों को सभी प्रकार की फसलों में काफी नुकसान पहुंचा है.
कृषि विभाग ने बदले मौसम में किसानों को फसलों को लेकर सतर्कता बरतने को कहा है. जहां सरसों पक गई है, वहां फसल की कटाई तत्काल करने की सलाह दी गई है. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ओलावृष्टि का गेहूं, सरसों आदि सभी फसलों पर ज्यादा असर पड़ेगा. ऐसे में यदि फसल 15 से 20 फीसदी क्षतिग्रस्त हो गई हो तो किसानों को मौसम साफ होते ही यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करने की सलाह दी गई है. यदि ज्यादा नुकसान हो तो जायद के लिए खेत तैयार करें. इसके अलावा कटी फसल को पॉलिथीन से ढकने की सलाह दी गई है.
इस बारिश से मक्का, उर्द, मूंग में कम अंकुरण होगा. वहीं चना, मटर, मक्का और मूंगफली के खेतों में जल जमाव के कारण बीज विस्थापन के कारण खराब अंकुरण हो सकता है. इसके साथ ही तेज हवाओं का भी फसलों पर प्रभाव पड़ेगा. कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी के मुताबिक कई इलाकों में बारिश से ज्यादा ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है. दो दिन तक मौसम को लेकर यही स्थिति है. जिस कटी फसल पर पानी पड़ गया है, उसे धूप दिखाएं, जिससे नुकसान कुछ कम किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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