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UP Cabinet: यूपी में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलेंगे दो फ्री एलपीजी सिलेंडर

Updated at : 31 Oct 2023 7:41 PM (IST)
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UP Cabinet: यूपी में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलेंगे दो फ्री एलपीजी सिलेंडर

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 1.75 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा. लाभार्थी को पहले सिलेंडर खरीदना होगा, गैस कंपनी सब्सिडी उसके खाते में बाद में भेजेगी.

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लखनऊ: यूपी कैबिनेट ने प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 02 एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने को मंगलवार को मंजूरी दे दी. इस योजना के अंतर्ग वित्तीय वर्ष 2023-24 के त्रैमास अक्टूबर-दिसंबर 2023 और जनवरी-मार्च 2024 में लाभार्थियों को फ्री में सिलेंडर रिफिल दी जाएगी. योजना के अंतर्गत राज्य सरकार 2.312 करोड़ रुपये की धनराशि इस वर्ष खर्च करेगी.

यूपी में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 1.75 करोड़ परिवारों को इस योजना के तहत आच्छादित किया जाएगा. इनमें से प्रथम चरण में आधार प्रमाणित लाभार्थियों को निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल का वितरण किया जाएगा. इसके बाद जैसे-जैसे लाभार्थियों के आधार प्रमाणित होते जाएंगे, उसी क्रम में उन्हें योजना के तहत फ्री सिलेंडर दिये जाएंगे.

योजना के तहत सर्वप्रथम लाभार्थी अपने स्तर से उपभोक्ता दर के अनुसार भुगतान कर 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर रिफिल लेगा. इसके 05 दिन के बाद सब्सिडी उसके आधार प्रमाणित खाते में ऑयल कंपनियां भेजेंगी. यह योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जारी होने वाले केवल 01 कनेक्शन पर लागू होगी.

एफडीआई पॉलिसी को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI) पॉलिसी को मंजूरी दी है. इसके तहत लैंड परचेज, स्टांप ड्यूटी और कैपिटल इनवेस्टमेंट में छूट मिलेगी. साथ ही एफडीआई के माध्यम से यदि कोई उद्यम प्रदेश के युवाओं को ट्रेन्ड करता है तो उस पर भी उसे सरकार विशेष प्रोत्साहन देगी. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि एफडीआई के माध्यम से उत्तर प्रदेश में जो निवेश आता था वो बहुत कम था. अन्य राज्यों की तुलना में यह केवल 9435 करोड़ रुपए था. इसलिए एफडीआई को आकर्षित करने के लिए एफडीआई नीति को मंजूरी प्रदान की गई है.

उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 में प्राविधानित स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में क्षेत्रवार छूट अनुमन्य होगी. साथ ही इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी मे 05 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत छूट अनुमन्य होगी. योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार 05 वर्ष की अवधि में प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 25,000 की सीमा तक अधिकतम 500 व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने की लागत की प्रतिपूर्ति करेगी.इस पर सरकार 15 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

यूपी 112 पर 3 साल में खर्च होंगे 597 करोड

योगी कैबिनेट ने यूपी 112 को अगले तीन वर्ष के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश स्तरीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (ERSS) यूपी 112 के एडवांसमेंट पर सरकार का मुख्य फोकस है1 2017 में जब हमारी सरकार आई थी, तब से इसे काफी एडवांस किया गया है. अभी वर्तमान समय में यूपी 112 का रिस्पॉन्स टाइम एवरेज 13 मिनट है. अब इसमें नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते कोई भी पीड़ित 50 मीटर तक यूपी 112 की गाड़ी को लोकेट कर सकेगा. इसकी मैनपावर को बढ़ाकर 875 कर दिया गया है. इसके चलते अब एक साथ 40 हजार लोगों को एक दिन में अटेंड किया जा सकेगा. इस पर 3 साल में 597 करोड़ 42 लाख रुपए का व्यय भार आएगा.

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Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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