शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा की शादी में सिवान पहुंचे अब्बास और उमर अंसारी, सियासी सरगर्मियां हुई तेज

शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा की शादी में मुख्तारी अंसारी के बेटे अब्बास और उमर अंसारी भी पहुंचे. इससे सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं.
सोमवार को सिवान के प्रतापपुर गांव से जाने वाली बारात में मऊ के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी के दोनों बेटे अब्बास अंसारी एवं उमर अंसारी भी अपने करीबियों के साथ शिरकत करने पहुंचे. उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले प्रदेश की सीमा से सटे सिवान जनपद में संपन्न हुए ओसामा के निकाह में अब्बास एवं उमर के पहुंचने के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं.
सिवान में ही शहर के सेराजउलूम मदरसे में ओसामा शहाब की शादी में करीब 500 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ बारात ओसामा के गांव प्रतापपुर से निकल कर सिवान शहर के तेलहट्टा बाजार स्थित सेराजउलुम मदरसा पहुंची थी. इस कार्यक्रम में बेहद करीबी लोगों को ही बुलाया गया था. 13 अक्टूबर को ओसामा शहाब का वलीमा होगा.
Also Read: Exclusive: मुख्तार अंसारी के बेटे को प्रयागराज पुलिस ने क्यों किया गिरफ्तार? सांसद अफजाल अंसारी ने बताई कहानीसबसे खास बात यह यही कि बाहुबली मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी बारात में ओसामा की गाड़ी चला रहे थे. नेशनल स्तर के राइफल शूटर रहे अब्बास ने सिवान के प्रतापपुर पहुंच कर बारात की अगुवाई भी की और शाम 6. 15 पर वहां से खुद गाड़ी चलाते हुए ओसामा को मस्जिद तक लेकर गये. उनके साथ उनके छोटे भाई उमर अंसारी भी अपने करीबियों के साथ मौजूद थे.
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अंसारी परिवार के करीबियों ने प्रभात खबर को बताया है कि अब्बास एवं उमर निकाह वाले दिन की सुबह ही मऊ से देवरिया होते हुए सिवान पहुंच गये थे. अब्बास ने सिर्फ ओसामा की गाड़ी ही नहीं चलायी, बल्कि निकाह के पहले वहां जमा भीड़ और फोटो लेने की अफरातफरी करते हुए लोगों को भी माइक पर अभिवादन करके शांत रहने की गुज़ारिश भी की.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस निकाह को लेकर राजनीतिक अटकलें भी लगाई जा रही हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के सात जनपद बिहार की सीमा से सटे हुए हैं और इनमें से सभी जनपद पूर्वांचल का हिस्सा हैं. कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया, गाजीपुर, बलिया, चंदौली एवं सोनभद्र जनपदों की सीमायें बिहार से सटी हुई हैं. यह जनपद क्रमशः गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी एवं मिर्जापुर मंडल का हिस्सा हैं. इन जनपदों की 50 से अधिक विधान सभा सीटें बिहार की सीमा से सटी हुई हैं. दूसरी तरफ बिहार के पश्चिमी चम्पारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर एवं कैमूर जनपद उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हुए हैं और बिहार की लगभग 48 विधानसभा सीटें उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित हैं.
गौरतलब है कि बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके के लोग विगत कई दशकों से आपस में शादी विवाह एवं व्यापार के कारणों से काफी गहरे तक जुड़े हुए हैं. ऐसे में मुख़्तार अंसारी और शहाबुद्दीन का राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र मऊ से लेकर बलिया, देवरिया होते हुए सिवान तक आपस में जुड़ा हुआ था. इस प्रभाव क्षेत्र का इस्तेमाल दोनों ही राज्यों के विभिन्न राजनीतिक दल और प्रत्याशी हर चुनाव में करते आये थे. इस नेटवर्क ने भी अपनी पसंद के प्रत्याशियों को समय समय पर समर्थन और मदद देकर अपने रसूख को कायम रखा था.
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शहाबुद्दीन के लम्बे समय में जेल में रहने के बाद इस साल हुए इंतकाल और मुख्तार अंसारी के जेल में निरुद्ध होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की उनके समर्थकों पर हो रही कार्यवाही के बाद इस नेटवर्क के भविष्य को लेकर सवालिया निशान उठ रहे थे, लेकिन अब्बास और उमर ने ओसामा की शादी में पहुंच कर इस नेटवर्क की दूसरी पीढ़ी ने आपस में मिलकर साथ होने का एलान कर दिया है.
इस बाबत प्रभात खबर से दूरभाष पर हुई बातचीत में विधायक मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी ने बताया, हमारे उनके परिवार से पीढ़ियों पुराने रिश्ते हैं, हर सुख-दुःख में एक दूसरे के यहां आना-जाना होता रहता है. मेरे अज़ीज़ भाई ओसामा शहाब का निकाह खूबसूरत लम्हों में मुकम्मल हुआ है और हम सब उनकी ख़ुशी में शरीक होने पहुंचे थे. ऐसे में हमारे वहां मौजूद होने का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिये.
बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री जमा खान कैमूर जिले की चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं. चैनपुर प्रखंड के गांव नौघरा निवासी जमा खान के पूर्वज जमींदार थे और उनकी शिक्षा वाराणसी के डीएवी डिग्री कॉलेज में हुई है, जहां वे छात्रसंघ के पदाधिकारी भी थे. जमा खान एक बार कांग्रेस और दो बार बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं. 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा से चुनाव लड़कर चैनपुर से जीत हासिल की थी लेकिन कुछ महीने बाद वे जदयू में शामिल हो गाये थे और उन्हें मंत्री पद दिया गया था. ओसामा के निकाह के बाद अब्बास और बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री जमा खान की मुलाक़ात और देर तक चली बातचीत भी चर्चा का सबब बनी रही.
Also Read: ‘योगी सरकार खाने में दे सकती है जहर, मुझे सुरक्षा चाहिए’, कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाया मुख्तार अंसारीसिवान के दिवंगत पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब का निकाह सेराज-उल-उलूम मदरसे में सिवान के जीरादेई प्रखंड के चांदपाली निवासी मो. आफताब की बेटी आयशा से हुआ है. ओसामा शहाब के ससुर मो. आफताब आलम दुबई में एक बैंक के मैनेजर हैं. उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें से एक बेटा और एक बेटी डॉक्टर हैं. डॉक्टर पुत्री आयशा से ही ओसामा का निकाह हुआ है. आयशा ने मेडिकल की पढ़ाई अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय से की है. परिवार से जुड़े लोगों ने प्रभात खबर को बताया कि यह निकाह मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने जीवन काल में ही तय कर दिया था और ओसामा ने पिता की अंतिम इच्छा का मान रखते हुए वहीं निकाह किया है.
दिवंगत पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की बड़ी बेटी हेरा शहाब की सगाई मोतिहारी के रानी कोठी पुरानी हवेली निवासी सैय्यद इफ़्तेख़ार अहमद के पुत्र सैयद मोहम्मद शादमान से तय हो चुकी है. शादमान के पिता सैयद इफ्तेखार अहमद मोतिहारी इलाके के पुराने खानदानी रईस जमींदार हैं और मोतिहारी जिले में उनका खासा रसूख है. हेरा और शादमान दोनों ने ही लखनऊ से एमबीबीएस की पढ़ाई की है. हेरा के निकाह की तारीख पहले ओसामा के निकाह के आसपास ही तय थी, लेकिन अब उनका निकाह 15 नवम्बर को होना सुनिश्चित हुआ है. बताया जा रहा है कि उनके निकाह में बिहार और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के नेताओं समेत 50 हजार लोग शामिल होंगे.

ओसामा की बारात में राजद के नेता एवं बिहार विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी पहुंचे थे. उनके निजी एवं सरकारी सुरक्षाकर्मियों के अलावा उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, सिवान सदर के विधायक अवध बिहारी चौधरी, रघुनाथपुर के विधायक हरिशंकर यादव, बड़हरिया के विधायक बच्चा पांडेय समेत सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी बारात में शामिल हुए थे. पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के निधन के बाद पहली बार तेजस्वी यादव सिवान पहुंचे थे. हालांकि, इससे पहले शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही तेजस्वी यादव ने पटना के एक निजी अस्पताल पहुंचकर ओसामा से उनकी मां का हाल-चाल लिया था.
Also Read: सिबगतउल्ला अंसारी सपा में शामिल, बसपा सांसद बोले- मुख्तार-अफजाल भी जाएंगे तो भी पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगाओसामा शहाब के करीबी लोगों के मुताबिक़, भले ही निकाह का कार्यक्रम एक सादा समारोह था, लेकिन बारात में आई सैकड़ों गाड़ियों की वजह से सिवान में कई किलोमीटर तक सड़क पर जाम लग गया था. निकाह में शामिल होने आये कई गणमान्य लोगों की गाड़ियां जाम में फंसने के कारण उन्हें निकाह स्थल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि बाद में स्थानीय प्रशासन ने जाम पर काबू पा लिया था.
रिपोर्ट- उत्पल पाठक, लखनऊ
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By Prabhat Khabar News Desk
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