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विदेशों में लीची भेजने वाल खरीदार बागों का कर रहे मुआयना

Updated at : 31 Mar 2025 7:57 PM (IST)
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विदेशों में लीची भेजने वाल खरीदार बागों का कर रहे मुआयना

मुजफ्फरपुर की शाही लीची की बढ़ी मांग, विदेशी खरीदारों का बागों में दौरा अच्छी पैदावार की उम्मीद, खाड़ी देशों और यूरोप में निर्यात की तैयारी किसानों में खुशी, एक लाख

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मुजफ्फरपुर की शाही लीची की बढ़ी मांग, विदेशी खरीदारों का बागों में दौरा अच्छी पैदावार की उम्मीद, खाड़ी देशों और यूरोप में निर्यात की तैयारी किसानों में खुशी, एक लाख टन उत्पादन का अनुमान उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर इस बार शाही लीची की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद की जा रही है. लीची की फसल देख किसान खुश हैं. वहीं विदेशों में लीची भेजने वाले कंपनियों के प्रतिनिधि अब लीची का बाग देखने पहुंच रहे हैं. अच्छे फसल वाले बागों के लिये बातचीत शुरू हो गयी है. बागों को चयन कर उसे विशेष रूप से तैयार किया जायेगा और उस बाग की लीची विदेशों में भेजा जायेगी. दो दिन पहले लखनऊ से माही ट्रेडिंग कंपनी के प्रतिनिधि दीपक कुमार मिश्रा यहां पहुुंचे थे. उन्होंने कांटी, बंदरा और मुशहरी के लीची बागों को देखा. उनकी कंपनी यहां से खाड़ी देशों में लीची भेजेगी. वे यहां इस महीने फिर आयेंगे और लीची के बागों को चिह्नित करेंगे. लुलु मॉल के प्रतिनिधि भी इस महीने आकर बागों को देखेंगे. लीची लंबे समय तक सुरक्षित रहे, इसके लिये कूल वैन के जरिये लीची को लखनऊ एयरपोर्ट तक पहुंचाया जायेगा. यहां से लीची विदेशों में निर्यात की जायेगी. लीची बागों की हो रही सिंचाई, अब बागों में होगा स्प्रे लीची बागों की नमी बनाये रखने के लिये किसान फिलहाल बागों की सिंचाई में जुटे हुये हैं. सुबह से शाम तक बागों में पानी पटाया जा रहा है. नमी बनाये रखने के लिये किसान प्रयास कर रहे हैं. अभी बागों में मधुमक्खी का बक्सा रखा हुआ है. अप्रैल के अंत में बागों में कीटनाशक का छिड़काव किया जायेगा. किसान बबलू शाही ने कहा कि इस बार शाही लीची की फसल अच्छी होगी, इसकी उम्मीद है. फिलहाल मौसम भी साथ दे रहा है. लीची बाग देखने के लिये बाहर से प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं. मई द्वितीय सप्ताह के बाद से लीची की फसल टूटने लगेगी जिले में एक लाख टन लीची का उत्पादन लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि जिले करीब एक लाख टन लीची का उत्पादन होता है. यहां 12 हजार हेक्टेयर में लीची की फसल होती है. पिछले साल से लीची की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है. खाड़ी देशों के अलावा यूरोप सहित अन्य देशों में लीची भेजी जा रही है. पिछले साल मांग के हिसाब से यहां के किसान आपूर्ति नहीं कर पाये थे. इस बार अभी से ही खरीदार आने लगे हैं. यहां से लीची का निर्यात इस बार काफी मात्रा में होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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