Seraikela Kharsawan News : पर्यावरण बचेगा, तभी ओजोन परत बचेगी : डॉ स्पार्कलीन

Author Akash
Updated:
विज्ञापन
Seraikela Kharsawan News :   पर्यावरण बचेगा, तभी ओजोन परत बचेगी : डॉ स्पार्कलीन

सरायकेला महिला महाविद्यालय में बुधवार को विश्व ओजोन दिवस पर भूगोल विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

सरायकेला.

सरायकेला महिला महाविद्यालय में बुधवार को विश्व ओजोन दिवस पर भूगोल विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ स्पार्कलीन देइ ने भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष प्रेम नूतन गाड़ी ने प्राचार्य को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया. प्राचार्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही ओजोन परत को बचाया जा सकता है. पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई ओजोन परत के क्षरण के मुख्य कारणों में से एक है. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का उपयोग, अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण व सड़कों पर वाहनों के कम उपयोग पर जोर दिया. कहा कि पर्यावरण अगर सुरक्षित रहेगा तभी मानव जीवन भी सुरक्षित हो सकता है.

ओजोन परत के महत्व व सुरक्षा को लेकर विचार रखे

विभागाध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष के विश्व ओजोन दिवस का थीम ””विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई तक ” रखा गया है. यह थीम यह दर्शाता है कि वर्ष 1970 में वैज्ञानिकों ने पता लगाया था कि धरती की ओजोन परत का क्षय हुआ है. विज्ञान के इस खोज के बाद ही पूरी दुनिया ओजोन परत को बचाने की मुहिम में एकजुट हो गयी थी. इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ चंद्रशेखर राय ने भी ओजोन परत के महत्व और सुरक्षा को लेकर अपने विचार को साझा किया. महाविद्यालय की छात्राओं ने ओजोन परत की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण पर निबंध, कविता व चित्रांकन के माध्यम से अपने मन के भावों को साझा किया गया. मौके पर श्वेतलता व शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akash

लेखक के बारे में

By Akash

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola