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शिक्षा के केंद्र में होनी चाहिए भारतीय ज्ञान परंपरा ही

Updated at : 19 Nov 2025 7:38 PM (IST)
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शिक्षा के केंद्र में होनी चाहिए भारतीय ज्ञान परंपरा ही

माधव-10 उप मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर गन्नीपुर स्थित एसकेजे लॉ कॉलेज में संगोष्ठी हुई. इसका विषय, भारतीय ज्ञान परंपरा ही शिक्षा के केंद्र में होनी चाहिए, रखा गया था. उद्घाटन

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माधव-10 उप मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर गन्नीपुर स्थित एसकेजे लॉ कॉलेज में संगोष्ठी हुई. इसका विषय, भारतीय ज्ञान परंपरा ही शिक्षा के केंद्र में होनी चाहिए, रखा गया था. उद्घाटन बीएचयू के प्रोफेसर डॉ नवल किशोर मिश्रा व विशिष्ट अतिथि मुंगेर विवि के प्रोफेसर डॉ राजेश मिश्रा ने दीप प्रज्वलन कर किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के निदेशक जयंत कुमार, प्राचार्य डॉ केकेएन तिवारी, उप प्राचार्य प्रो बीएम आज़ाद, प्रो रत्नेश, प्रो आशुतोष, डॉ एसपी चौधरी उपस्थित थे. निदेशक जयंत कुमार ने प्राचीन भारतीय शिक्षा व आधुनिक शिक्षा के तुलनात्मक तथ्य बताया. प्रो नवल किशोर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा का केंद्र भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर होनी चाहिए. प्रो आशुतोष, प्रो एके पाण्डेय आदि मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUNIL KUMAR

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