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ओपीडी में 900 व इमरजेंसी में 300 तक पहुंच रहे मरीज

Updated at : 12 Dec 2024 10:31 PM (IST)
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ओपीडी में 900 व इमरजेंसी में 300 तक पहुंच रहे मरीज

<P>मनोज मिश्रा, नवादा कार्यालय</P>जिले के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है. पछुआ हवा के साथ न्यूनतम तापमान में गिरावट आयी है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस

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मनोज मिश्रा, नवादा कार्यालय

जिले के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है. पछुआ हवा के साथ न्यूनतम तापमान में गिरावट आयी है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं, अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक रहा. तापमान में गिरावट से कनकनी में वृद्धि हो गयी. पर्वतीय इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बनने से प्रदेश समेत जिले के मौसम में बदलाव आया है. ऐसे में लोग बीमार हो रहे है. चिकित्सकों ने बच्चे, बुजुर्ग सहित सभी वर्ग के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. सदर अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, ओपीडी में रोज 900 तक मरीज पहुंच रहे है. इमरजेंसी में भी 300 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं. बढ़ती संख्या के मद्देनजर सदर अस्पताल की व्यवस्था को भी दुरुस्त की जा रही है.

बच्चे- बूढ़े अधिक हो रहे बीमारी

मौसम परिवर्तन के कारण बच्चे के साथ ही बड़े भी जुकाम, बुखार व खांसी की चपेट में आ रहे हैं. लोग गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, गैस्ट्राइटिस की भी चपेट में आ रहे हैं. महिलाओं में गैस्ट्राइटिस की शिकायतें मिल रही हैं. पिछले तीन से चार दिनों में बीमारों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज सबसे अधिक हैं. जबकि अन्य बीमारियों से परेशान लोग भी तबीयत खराब होने के कारण लगातार सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. दिन में कम कपड़ों में घर से बाहर निकलने वाले लोग शाम को वापस आ रहे हैं, तो ठंड लग रही है. ऐसे बदलाव का शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. दिन में तापमान अधिक है, तो रात में अब गर्म चादर की जरूरत पड़ रही है. इस कारण सबसे अधिक बीमारों में बच्चे शामिल हैं. लूज मोशन से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, बीमारियों का खतरा भी बढ़ेगा.

क्या कहते हैं भर्ती मरीजसर्जिकल वार्ड में पिछले 10 दिनों से भर्ती हैं. मुझे यहां खून भी चढ़ाया गया है, पेट में दर्द के कारण ठंड में परेशानियां बढ़ गयी है, इसलिए अस्पताल आना पड़ा.

रूपलाल यादव, मेघू बिगहातबीयत खराब होने के कारण पिछले दो दिनों से सदर अस्पताल में भर्ती हूं. बदलते मौसम में ठंड से पेट में दर्द हुआ और लूज मोशन होने के कारण सदर अस्पताल में भर्ती हूं. डॉक्टर के द्वारा दिये गये चिकित्सा से अब अच्छा महसूस कर रही हूं.

प्रतिमा देवी, पटवासाराय

पेट में दर्द होने से आज भर्ती हुआ हूं. डॉक्टर का कहना है कि अचानक मौसम बदलने से ठंड के कारण पेट में दर्द हुआ है. अस्पताल में डॉक्टर की ओर से सारी सुविधाएं मिल रही हैं. डॉक्टर ने बताया कि अभी एक-दो दिन और रहना पड़ सकता है. अभी थोड़ा सुधार हो रहा है.

कामेश्वर साव, तेतरिया

पेट में दर्द और दस्त होने के कारण अस्पताल में लाकर भर्ती हूं. भर्ती करने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से सारी सुविधाएं मुहैया करायी गयी हैं. डॉक्टर और सिस्टर के द्वारा देखरेख से तबीयत वर्तमान समय में स्थिर है.

सोनी परवीन, छोटी पाली

क्या कहते हैं डॉक्टर

मौसम में अचानक परिवर्तन होने के कारण मरीज का आना-जाना लगा हुआ है. ज्यादातर लोगों की परेशानियां ठंडी के कारण बढ़ी है. अभी वर्तमान समय में ठंड से बीमार होने वाले मरीज आ रहे हैं. आने वाले सभी मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है. सभी मरीजों के लिए डॉक्टर ससमय ड्यूटी में तैनात है.

डॉ नीरज कुमार, सदर अस्पताल

क्या कहते हैं अस्पताल प्रबंधक

मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सारी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है, ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए. वर्तमान में 456 दवाओं की जरूरत हैं. इसके विरुद्ध 339 दवाएं उपलब्ध हैं. फिलहाल बाहर से दवाएं लाने की नौबत नहीं रहती हैं. कुत्ते के काटने से बचाव की सूई भी उपलब्ध हैं. 13 चिकित्सकों की टीम 24 घंटे प्रतिदिन सेवा दे रही हैं. एक शिफ्ट दो चिकित्सकों की ड्यूटी रहती है. इस प्रकार तीन शिफ्ट में कुल छह चिकित्सक प्रतिदिन अपनी पाली में सेवारत रह रहे हैं. नर्सें भी पर्याप्त संख्या में कार्यरत है. इमरजेंसी में 14, सर्जिकल में 12, गायनी में 17 और ओपीडी में चार नर्स सेवारत रह रही हैं. छह वेंटिलेटर चालू हालत में सदर अस्पताल में मेडिकल सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित हैं. जरूरतों के अनुकूल नशा मुक्ति केंद्र भवन में कुल छह वेंटीलेटर चालू हालत में उपलब्ध हैं. ओआरएस व आईवी अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश का पालन सख्ती से किया जा रहा है. एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजिकल आदि जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. मरीजों की भर्ती के लिए संबंधित वार्ड में बेड भी उपलब्ध हैं.

कुमार आदित्य, अस्पताल प्रबंधकB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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