मांझी परगना सरदार महासभा ने फतेहपुर में दिया धरना

Updated:
विज्ञापन

फतेहपुर. मांझी परगना सरदार महासभा फतेहपुर ईकाई ने गुरुवार को प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना दिया. इसका नेतृत्व मांझी बाबा रहिदास मरांडी ने किया. संताल सिविल रूल्स 1946 व संताल

विज्ञापन

फतेहपुर. मांझी परगना सरदार महासभा फतेहपुर ईकाई ने गुरुवार को प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना दिया. इसका नेतृत्व मांझी बाबा रहिदास मरांडी ने किया. संताल सिविल रूल्स 1946 व संताल परगना जस्टिस रेगुलेशन 1893 में संशोधन के प्रस्ताव का विरोध किया. बतौर मुख्य अतिथि मांझी परगना सरदार महासभा के संरक्षक सुनील कुमार बास्की ने कहा कि ये दोनों कानूनों में संशोधन को लेकर झारखंड सरकार आज प्रासंगिकता की समीक्षा कर रही है. जामताड़ा के अपर समाहर्ता ने प्रमंडलीय आयुक्त को जो रिपोर्ट भेजी है, वह संताल और पहाडिया समाज के अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न है. जामताड़ा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने कहा कि देश के कई राज्यों में पेसा कानून लागू कर दिए गये हैं, लेकिन झारखंड में लागू नहीं किया गया है. हम संताल परगना स्थापना दिवस 22 दिसंबर को जामताड़ा में रैली के माध्यम से बड़ा आंदोलन करेंगे. वहीं बीर मांझी सह कुंडहित प्रखंड अध्यक्ष हराधन मुर्मू, लेबेन हांसदा, नाज़िर सोरेन ने भी संबोधित किया. मौके पर महासभा के जिला उपाध्यक्ष महादेव हांसदा, मांझी दरोगा मुर्मू, मांझी रहिदास मरांडी, मांझी कालीश्वर सोरेन, भोद्दो देवीश्वर पावरिया, नाईकी बाबा परेश मरांडी, मांझी बाबा सीताराम बास्की, पाराणिक मिस्त्री पावरिया, सुलेमान हेंब्रम आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
जियाराम मुर्मू

लेखक के बारे में

By जियाराम मुर्मू

मैं जियाराम मुर्मू वर्ष 2009 से प्रभात खबर, जामताड़ा से जुड़ा हुआ हूं. मैं विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की जनमुद्दे जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, ग्रामीण विकास सहित ग्रामीणों की समस्याओं को लगातार उठा रहा हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola