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गुरुपूर्णिमा पर बड़हिया के गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगायी आस्था की डुबकी

Updated at : 10 Jul 2025 6:46 PM (IST)
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गुरुपूर्णिमा पर बड़हिया के गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगायी आस्था की डुबकी

<P><H2>गंगा स्नान के बाद मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में की विशेष पूजा</H2><H2>बड़हिया. </H2>गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़हिया प्रखंड के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह

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गंगा स्नान के बाद मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में की विशेष पूजा

बड़हिया.

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़हिया प्रखंड के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह होते ही हजारों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगायी. इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने बड़हिया की प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बाला त्रिपुर सुंदरी जगदंबा मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और मनोकामना पूर्ति की मनौतियां मांगीं. पर्व को लेक562र एक दिन पूर्व से ही जमुई, शेखपुरा, नवादा, लखीसराय समेत आसपास के जिलों से श्रद्धालुओं का जत्था बड़हिया पहुंचना शुरू हो गया था. गंगा घाटों पर महिलाओं द्वारा सामूहिक भजन-कीर्तन व भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्ति भाव में रंग गया. स्नान और पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मेला क्षेत्र में लगे अस्थायी दुकानों पर खरीदारी भी की. बड़हिया स्टेशन रोड, लोहिया चौक, श्रीकृष्ण चौक, कॉलेज घाट, जैतपुर घाट एवं मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर खिलौने, श्रृंगार-प्रसाधन, पूजा सामग्री, मिठाई, चाट, जलेबी, लिट्टी-सिंघाड़ा आदि की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी. गौरतलब है कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है. यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है. शास्त्रों में ‘गु’ का अर्थ अंधकार (अज्ञान) और ‘रु’ का अर्थ उस अंधकार का निवारण करने वाला बताया गया है. जो व्यक्ति अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश देता है, वही सच्चा गुरु कहलाता है. गुरु पूर्णिमा के साथ ही वर्षा ऋतु का आरंभ होता है. इसके बाद के चार महीने साधना, अध्ययन और शिक्षा ग्रहण के लिए सबसे अनुकूल माने जाते हैं. क्योंकि इस दौरान न अधिक गर्मी होती है, न ही कड़ाके की सर्दी. यही कारण है कि प्राचीन काल में गुरुकुल में इसी समय विद्यार्थियों का शिक्षण सत्र आरंभ होता था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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