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Giridih News: गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना को तीन साल के बाद मिला एनवायरनमेंट क्लीयरेंस

Updated at : 03 Jan 2025 11:36 PM (IST)
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Giridih News: गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना को तीन साल के बाद मिला एनवायरनमेंट क्लीयरेंस

<P>एनवायरमेंटल क्लीयरेंस (ईसी) मिलने के बाद गिरिडीह कोलियरी के प्रबंधन के अलावे ट्रेड यूनियनों के नेता और स्थानीय लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है. एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिलने के बाद अब

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एनवायरमेंटल क्लीयरेंस (ईसी) मिलने के बाद गिरिडीह कोलियरी के प्रबंधन के अलावे ट्रेड यूनियनों के नेता और स्थानीय लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है. एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिलने के बाद अब सीटीई ( कंसर्न टू स्टेब्लिश ) और सीटीओ (कंसर्न टू ऑपरेट) मिलने का इंतजार है.

सीटीओ मिलने के बाद ही ओपेनकास्ट परियोजना में कोयला का उत्पादन शुरू हो पाएगा. जानकारी के मुताबिक स्टेट लेवल एनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट ऑथोर्टी झारखंड के मेंबर सेक्रेटरी ने इस बाबत सीसीएल के एचओडी एनवायरमेंटल राज कुमार को पत्र प्रेषित कर इसी निर्गत करने से संबंधित जानकारी दी है. इसके माध्यम से प्रतिवर्ष सात लाख टन उत्पादन हेतु इसी देने की बात कही गई है.

बता दें कि इसी और सीटीओ की कमी के कारण गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना जनवरी 2022 से बंद है. कोयला का उत्पादन बंद रहने के कारण एक ओर जहां सीसीएल और राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कोयला व्यवसाय से जुड़े ट्रक मालिकों, डीओ धारकों और लोडिंग मजदूरों के समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है.

जानकारी के मुताबिक 122 हेक्टेयर में फैला गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना में से वन विभाग द्वारा 82 हेक्टेयर भूमि पर अपना दावा पेश किया गया था. जबकि सीसीएल कंपनी का दावा रहा है कि ओसीपी में एनसीडीसी के वक्त से खनन हो रहा है. सौ वर्षों से अधिक समय से उत्पादन हो रहा है और यह सीसीएल का है. यह मामला काफी दिनों तक दोनों विभागों के बीच चलता रहा.

सीसीएल की ओर से तमाम कागजात पेश किये गए. वन विभाग की आपत्ति के कारण जनवरी 2022 से यह परियोजना बंद रहा है. इस परियोजना को चालू कराने को लेकर प्रबंधन के स्तर से लगातार प्रयास जारी रहा. गिरिडीह एरिया के महाप्रबंधक बासब चौधरी, तत्कालीन परियोजना पदाधिकारी एसके सिंह, एरिया एनवायरमेंट ऑफिसर शम्मी कपूर द्वारा विभागीय स्तर पर प्रयास किया जाता रहा.

बंद ओसीपी को अविलंब चालू कराने को लेकर विधायक ने की थी पहल

बंद ओसीपी को अविलंब चालू कराने को लेकर गिरिडीह विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की ओर से प्रयास तेज किया गया. गत सितंबर माह में गिरिडीह विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन एवं राज्य सभा सदस्य डा सरफराज अहमद ने गिरिडीह डीसी, सीसीएल प्रबंधन, डीएफओ, सीओ सहित राजस्व विभाग से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में नयी गाइडलाइन और सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के आलोक में कि यदि कोई भूमि पर 1980 से पहले खनन का कार्य हो रहा है तो उस भूमि पर वन विभाग आपत्ति नहीं कर सकता है. गिरिडीह कोलियरी के ओपेनकास्ट परियोजना में 1980 से पहले से खनन कार्य होने की बात सीसीएल प्रबंधन द्वारा कही गई. बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में प्रबंधन की ओर ब्रोकन रिपोर्ट 1980 डीएफओ के पास सबमिट किया गया. यही से इसी का मार्ग प्रशस्त हुआ. इसके बाद स्टेट इन्वायरमेंट इम्पैक्ट ऑथोरिटी (सिया) के पास भेजा गया. इसको लेकर विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार निरंतर प्रयासरत रहे. फलतः आज गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना को मिले एनवायरनमेंट क्लीयरेंस के रूप में स्थानीय लोगों को नये साल की सौगात मिली है.

सबों के प्रयास से ओपेनकास्ट परियोजना को मिला इसी : महाप्रबंधक

गिरिडीह एरिया के महाप्रबंधक बासब चौधरी ने कहा कि सबों के प्रयास से गिरिडीह ओपेनकास्ट परियोजना को एनवायरमेंटल क्लीयरेंस मिला है. उन्होंने कहा कि विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, राज्य सभा सदस्य डा सरफराज अहमद, सीसीएल सीएमडी एन के सिंह, डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, डीएफओ, गिरिडीह कोलियरी के पीओ, एरिया इन्वायरमेंट ऑफिसर, जीएम इन्वायरमेंट और सिया के सम्मिलित प्रयास से एनवायरमेंट क्लीयरेंस मिला है. उन्होंने इसके लिए सबों को बधाई दी है. उन्होंने बताया कि ओसीपी को चालू कराने को लेकर 16 करोड़ का बैंक गारंटी देना पड़ा है. सीसीएल सीएमडी के नेतृत्व में यह संभव हुआ. श्री चौधरी ने बताया कि इसी के बाद सीटीई और सीटीओ मिलने के बाद ओसीपी में उत्पादन शुरू हो जायेगा. उन्होंने बताया कि सब अच्छा के काम हुआ तो तीन माह के अंदर ओसीपी चालू हो जाएगा.

सीटीओ मिलने से उत्पादन कार्य हो जाएगा शुरू : शम्मी

गिरिडीह एरिया इन्वॉयमेंटल ऑफिसर शम्मी कपूर ने बताया कि सिया से इसी मिल गया है. उन्होंने बताया कि इसी के बेसिस पर अब सीटीई और सीटीओ मिलेगा. कहा कि सीटीओ मिलने के बाद उत्पादन कार्य शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इसी रुके रहने के कारण काफी परेशानी हो रही थी. जल्द ही सीटीई और सीटीओ के लिए अप्लाई किया जाएगा. उन्होंने बताया कि नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने आश्वस्त किया है कि जल्द से जल्द इसे दिलाने का काम किया जाएगा. श्री कपूर ने कहा कि पिछले काफी दिनों से इसके लिए प्रयास जारी था. कहा कि ओसीपी में जितना कोयला है उसे आने वाले वर्षों में आराम से उत्पादन किया जाएगा. कहा कि इसके चालू होने से गिरिडीह कोलियरी सालाना 1.03 मिलियन कोयला का उत्पादन कर सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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