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बाढ़, बारिश के साथ डायरिया का बढ़ा प्रकोप, दो दिन में 29 मरीज पहुंचे अस्पताल

Updated at : 01 Sep 2025 8:58 PM (IST)
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बाढ़, बारिश के साथ डायरिया का बढ़ा प्रकोप, दो दिन में 29 मरीज पहुंचे अस्पताल

पटना जिले में बाढ़ व बारिश के साथ कई मुहल्लों में जलजमाव के बीच डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है.

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– पानी घटने के बाद दूषित जल से बढ़ रहा डायरिया का प्रकोप – स्लाइन सुई देने के बाद डिस्चार्ज किये जा रहे मरीज संवाददाता, पटना पटना जिले में बाढ़ व बारिश के साथ कई मुहल्लों में जलजमाव के बीच डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है. पीएमसीएच, आइजीआइएमएस और पटना एम्स के ओपीडी व इमरजेंसी में बीते एक सप्ताह से लगातार मरीज पहुंच रहे हैं. खासकर बीते दो दिन के अंदर इन तीनों अस्पतालों में 29 मरीज इलाज कराने पहुंचे, इनमें चार को भर्ती करना पड़ा. इनमें सबसे अधिक पीएमसीएच में 12, पटना एम्स में 10 और सात मरीज आइजीआइएमएस की ओपीडी में पहुंचे. इन मरीजों में दो पीएमसीएच, एक एम्स और एक मरीज को आइजीआइएमएस में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. जबकि बाकी मरीजों को ओपीडी में इलाज व दवा आदि के बाद उन्हें घर भेज दिया गया. पानी घटने के बाद दूषित जल से बढ़ रहा डायरिया का प्रकोप जानकारों की माने तो बाढ़ का पानी घटने के साथ ही डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है. यही वजह है कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक हो गयी है. रोजाना अस्पताल में मरीज पहुंच रहे हैं. यहीं नहीं निजी अस्पतालों में भी इलाज हो रहा है. ऐसे में क्षेत्र में ब्लीचिग पाउडर का छिड़काव नहीं होने से लोगों में आक्रोश पनपने लगा है. बताया जा रहा है कि दूषित पानी पीने से बीमारी बढ़ रही है. क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप बढ़ने से लोगों में भय उत्पन्न हो गया है. चिकित्सकों के अनुसार भर्ती वाले मरीजों एक से दो दिन स्लाइन,सुई देकर उपचार के बाद ठीक होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है. वहीं पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने बताया कि बरसात के मौसम में रोटा वायरस डायरिया फैलता है. बाढ़ के समय साफ पानी के अभाव में वैक्टीरियल डायरिया की संभावना अधिक रहती है. क्या कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित इलाके में पानी घटने के बाद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है. साथ ही सभी पीएचसी, सीएचसी व अनुमंडलीय अस्पतालों के अलावा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में डायरिया मरीजों के इलाज के लिए सभी प्रकार की सुई, स्लाइन व दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KUMAR PRABHAT

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KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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