लाख प्रयास के बाद भी उर्वरक दुकानों में नहीं टंग रहा सूचना पट्ट पर खादों का दर

Updated at : 01 Sep 2025 8:42 PM (IST)
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लाख प्रयास के बाद भी उर्वरक दुकानों में नहीं टंग रहा सूचना पट्ट पर खादों का दर

लाख प्रयास के बाद भी उर्वरक दुकानों में नहीं टंग रहा सूचना पट्ट पर खादों का दर

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– महंगे दामों में उर्वरक मिलने से किसानों को उपलब्ध नहीं करा पा रहा एफपीओ – किसानों को 267 की 350-60 में मिल रहा यूरिया, राशि के अभाव में नहीं खरीद पा रहे किसान – नीचे से ऊपर तक चल रहा कमिशन का खेल, विभाग करवाई के नाम पर कर रहा कोरम – गांव देहात में बड़े पैमाने पर हो रहा उर्वरक बिक्री को लेकर लूट खसोट कटिहार कृषि विभाग व जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी जिले के किसानों को महंगे दामों में उर्वरकों की क्रय करने की मजबूरी बनी हुई है. जिला कृषि विभाग द्वारा जहां पयाप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है का दावा किया जा रहा है. दूसरी ओर महंगे दामों में उर्वरक मिलने के कारण किसानों को उपलब्ध कराने में एफपीओ असमर्थ साबित हो रहा है. इतना ही नहीं यह भी कहा जा रहा है कि किसानों के उपयोग में आने वाले यूरिया, डीएपी व पोटाश पर कई खाद माफियाओं की नजर आने वाले रैक प्वाइंट पर से ही हो जाती है. कृषि विभाग के द्वारा उर्वरक दुकानदारों को सूचनापट्ट लटकाकर खादों के मूल्यों को दर्शाने का दावा भी टांय- टायं फीस साबित हो रहा है. अधिकांश दुकानों इस निर्देश का असर बेअसर साबित होने से किसान परेशान हैं. यूरिया का सरकारी रेट जहां 265-67 रूपये निर्धारित किये गये हैं. दुकानों से किसानों को तीन सौ पचास से साठ रूपये पर मिल रहा है. आजिज होकर किसान नीचे से ऊपर तक कमिशन के खेल से परेशान हैं. उनलोगों की माने तो विभाग ऐसे दुकानदारों के विरूद्ध कार्रवाई के नाम पर कोरम पूरा कर रहा है. खासकर गांव देहतों में बड़े पैमाने पर हो रहे उर्वरक में लूट खसोट से किसानों के बीच हाय तौबा मची हुई है. बेलवा, प्राणपुर, यहां तक की शहरी क्षेत्र में खाद दुकानदारों द्वारा 265-67 की यूरिया साढ़े तीन सौ से तीन सौ साठ रूपये लिये जा रहे हैं. हालांकि कई दुकानदारों की माने तो यूरिया के लेवाल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. अलग-अलग दुकानदारों के अलग प्रतिक्रिया कहां तक सही है यह तो उच्चस्तरीय जांच के बाद ही सामने आ पायेगा. तीन प्रखंड में संचालित है एफपीओ एफपीओ के पदाधिकारियों की माने तो कटिहार शहर में चार कम्पनियों के नाम से डीलरशीप है. जिनके नाम से रैंक आता है. डीएपी का 1350 रूपये सरकारी मूल्य रहने के बाद भी किसानों को 1650-60 रूपये में उपलब्ध हो पाता है. रैकप्वांइट से भी हॉल सेलरों को सही मूल्यों पर उर्वरक उपलब्ध नहीं कराये जाने से किसानों को 1750-60 रूपये में क्रय करने की विवशता बनी हुई है. जिले में तीन प्राणपुर, डंडखोरा एवं कटिहार में एफपीओ संचालित है. कई किसानों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यूरिया इन दिनों धान में डालना अधिक जरूरी है. लेकिन खाद दुकानों सरकारी दर से नहीं मिलने के कारण वे लोग परेशान हैं. पोटाश आगेनिकल वाला साढ़े सात सौ व यूरिया तीन सौ से अधिक दामों में मिल रहा है. शिकायत का भी इसका कोई असर नहीं होने से बिचौलियों का मनोबल बढ़ा हुआ है. शिकायत निवारण कोषांग कर रहा कार्य खाद किसी संगठन या समूह को नहीं देना है अगर एफपीओ इस तरह का कह रहा है तो यह गलत है. किसानों को उपलब्ध कराया जाता है. अभी स्टॉक में खादों की कमी नहीं है. उर्वरक दुकानदारों को दुकान में उर्वरक का दर टांगने के लिए कहा गया है. इसको लेकर सख्ती से आदेश पालन करने को निर्देश है. साथ ही शिकायत निवारण कोषांग कमेटी कार्य कर रहा है. किसानों के हित के लिए टॉल फ्री नम्बर तक जारी किया गया है. ताकि किसान उक्त टॉफ फ्री नम्बर पर शिकायत कर सकें. अभी यूरिया छह हजार मैट्रिक टन, डीएपी चार हजार मैट्रिक टन पोटाश 1700 मैट्रिक टन, एनपीकेएस 7800 मैट्रिक टन, एसएसपी 1986 मैट्रिक टन भंडार में उपलब्ध है. किसानों के शिकायत पर उक्त उर्वरक दुकानों की जांच कर कार्रवाई की जाती है. मिथिलेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी,कटिहार

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