भ्रष्टाचार व अपराध के खिलाफ भाकपा ने किया प्रदर्शन
Updated at : 26 Feb 2026 6:33 PM (IST)
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भ्रष्टाचार व अपराध के खिलाफ भाकपा ने किया प्रदर्शन
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भाकपा का हल्ला बोल, भ्रष्टाचार पर गरजे भाकपा कार्यकर्ता, सौंपा ज्ञापन
उदाकिशुनगंज.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उदाकिशुनगंज अंचल परिषद के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी. प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह, सहायक अंचल मंत्री अरुण कुमार तांती, वरीय नेता व पूर्व मुखिया सिकंदर अंसारी, मो चांद, सच्चिदानंद शर्मा, शंभू पासवान आदि ने किया. भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार लूट व झूठ पर आधारित है. उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका व्यापार समझौता किसानों पर वज्रपात है. उन्होंने कहा कि बिहार में आए दिन शर्मसार करने वाली घटनाएं हो रही है. आज सूबे बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है. सरकार की सभी घोषणाएं छलावा साबित हो चुकी है. अभियान बसेरा वन व टू टांइ टांइ फीस हो गया है. उन्होंने कहा कि मंजौड़ा, जोतैली, वाराटेनी, सिंगारपुर, नयानगर, नवटोल, लश्करी, खाड़ा, सिनुवारा आदि गांवों के सैकड़ों परिवार भूमिहीन है. आज तक वासगीत पर्चा नहीं मिल है. आजादी के 78 वर्ष के बाद भी गरीब भूमिहीन कीड़े मकोड़े की जिंदगी जीने को विवश है. किसानों को फसल का लाभकारी दाम नहीं मिल रहा है. कर्ज में दबे किसान खेती छोड़ने या आत्महत्या करने को मजबूर है. प्रभाकर ने कहा कि किसानों और मजदूरों की अनदेखी नहीं सहेंगे. उन्होंने तीन कृषि कानून के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलन के तर्ज पर संघर्ष तेज करने का किया आह्वान. भाकपा नेता व पूर्व मुखिया मो सिकंदर अंसारी ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण आम जनता त्रस्त है, योजनाओं में लूट मची है, शासन प्रशासन मस्त है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मियों पर कार्रवाई की जाय तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाय. भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार किसानों की नहीं कंपनियों की है. किसानों की ऋण माफ नहीं होती, लेकिन कॉर्पोरेटों का ऋण हो जाती माफ. उन्होंने कहा बाढ़ सुखाड़ ,खाद की किल्लत और कालाबाजारी से जूझ रहे हैं किसान. मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के पेट पर लात मारा गया उनके अधिकारों को कुचला गया. उन्होंने कहा कि भाकपा मनरेगा को पुनरवहाल करने की लड़ाई तेज करेगी. पार्टी के राज्य परिषद सदस्य उमाकांत सिंह ने कहा कि किसानों का ऋण माफ करे व 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले किसानों मजदूरों को कम से कम 6000 रुपये मासिक पेंशन दे सरकार. भाकपा के अंचल मंत्री प्रमोद कुमार सिंह व सहायक अंचल मंत्री अरुण कुमार तांती ने कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा है, बिचौलियों का बोलबाला है. गरीबों का बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता. वही नेताओं ने कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुई तो होगी आर पार की लड़ाई. प्रदर्शन के उपरांत कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. प्रशासन की ओर से मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. प्रदर्शन में भाकपा के नेता वरीय नेता मो चांद सुरेश चौधरी, विद्यानंद पंडित सिकंदर मंडल,चन्दर पासवान ,विष्णुदेव शर्मा, पप्पू शाह ,बागेश्वर शर्मा ,दिवाकर राम, मनोज राम, संतोष शर्मा, सुभाष राम, बुधन मेहता, लक्ष्मी दास, राम रतन चौधरी, देवी भगत महिला नेत्री ललिता देवी, गायत्री देवी, राधा देवी सबरी देवी, सविता देवी आदि शामिल थी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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