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कैंपस : स्वच्छता केवल परिसर की सज्जा नहीं, बल्कि जीवन की संस्कृति है : कुलपति

Updated at : 25 Sep 2025 6:56 PM (IST)
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कैंपस : स्वच्छता केवल परिसर की सज्जा नहीं, बल्कि जीवन की संस्कृति है : कुलपति

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका में “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कुलपति प्रोफेसर कुनूल कांडिर के नेतृत्व में उनके आवासीय कार्यालय से व्यापक स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हुआ.

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स्वच्छता ही सेवा. विविकर्मियों ने एक साथ दिया एक घंटे का वक्त संवाददाता, दुमका भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना निदेशालय के तत्वावधान में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका में “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कुलपति प्रोफेसर कुनूल कांडिर के नेतृत्व में उनके आवासीय कार्यालय से व्यापक स्वच्छता अभियान का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ जैनेंद्र यादव, वित्तीय सलाहकार डॉ ब्रजनंदन ठाकुर, कुलानुशासक डॉ राजीव कुमार, कुलसचिव डॉ राजीव रंजन शर्मा, सीसीडीसी डॉ अब्दुस सत्तार, वित्त पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिन्हा, संकाय अध्यक्ष मानविकी डॉ परमानंद प्रसाद सिंह, संकाय अध्यक्ष सामाजिक विज्ञान डॉ टीपी सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ धनंजय कुमार मिश्र, डॉ अच्युत चेतन, डॉ हिमाद्रि शेखर दत्त समेत कई प्राध्यापक उपस्थित थे. परिसर की सफाई में सक्रिय रूप से भाग लिया. अभियान में शिक्षकेतर कर्मचारियों में गौतम कुमार झा, राजेश प्रसाद सिंह, लाल बिहारी साह, अजित कुमार सिंह, मनीष सोरेन, अकलू हांसदा, शांतिलता किस्कू आदि ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया. इनकी टोली ने कैंटीन परिसर, एनएसएस परिसर, बैंक परिसर, एडमिन ब्लॉक, मुख्य भवन तथा विश्वविद्यालय के आंतरिक मार्गों की साफ-सफाई की. कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही. बेबी गोराई, लक्ष्मी मरांडी, फूल कुमारी, उर्मिला हांसदा, संजय मुर्मू, सुनील टुडू, पंकज कुमार, एलिजाबेथ मरांडी, नियेल, प्रकाश, जेम्स आदि दर्जनों स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ सफाई अभियान में शामिल हुए. कुलपति प्रोफेसर कुनुल कांडिर ने स्वच्छता अभियान की आवश्यकता व उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता केवल परिसर की सज्जा ही नहीं, बल्कि जीवन की संस्कृति है. उन्होंने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और स्वयं सेवकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND JASWAL

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