आर्थराइटिस में
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Oct 2015 5:52 AM (IST)
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अर्चना नेमानी डायटीशियन व डायबिटीज एजुकेटर ‘आहार क्लिनिक’ बैंक रोड, मुजफ्फरपुर आहार का रखें ध्यान अभी ऑस्टियोआर्थराइटिस के मामले सबसे अधिक हैं. इसमें मुख्य रूप से घुटनों में दर्द की शिकायत देखी जाती है. इसके रोगी यदि आहार में सुधार लाएं, तो जल्दी लाभ मिलता है. ऑस्टियोआर्थराइटिस में संतुलित, संयमित विभिन्न प्रकार के भोजन को […]
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अर्चना नेमानी
डायटीशियन व
डायबिटीज एजुकेटर
‘आहार क्लिनिक’
बैंक रोड, मुजफ्फरपुर
आहार का रखें ध्यान
अभी ऑस्टियोआर्थराइटिस के मामले सबसे अधिक हैं. इसमें मुख्य रूप से घुटनों में दर्द की शिकायत देखी जाती है. इसके रोगी यदि आहार में सुधार लाएं, तो जल्दी लाभ मिलता है.
ऑस्टियोआर्थराइटिस में संतुलित, संयमित विभिन्न प्रकार के भोजन को स्थान देना चाहिए. अनाज, दालें, दूध, हरी सब्जियां, फल और तेल को रोज के भोजन में शामिल करना चाहिए. भोजन लेने के तरीकों में हाफ प्लेट सिस्टम को अपनाएं. मतलब आपके प्लेट का आधा हिस्सा रोटी, चावल, पास्ता आलू और प्रोटीन पदार्थ जैसे- दूध, दही, चीज, मछली, चिकन या दालों से भरपूर होना चाहिए. बाकी के आधे प्लेट में कम तेल में पकी सब्जियां और फल होने चाहिए.
खाएं विभिन्न रंगोंवाले फल
भारतीय भोजन मरीजों को दिये गये सलाह के अनुसार ही है. हालांकि तेल और घी का प्रयोग कम करें. मांसाहारी लोगों के लिए मछली फायदेमंद है. प्रचुर मात्र में फल व सब्जियों का सेवन करें. भोजन में पांच प्रकार के फल व सब्जियों को शामिल करें. विभिन्न रंगोंवाले फल विटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. सेब, नारंगी, पालक, टमाटर, शक्करकंद, चुकंदर, ब्रोकली, जामुन, अंगूर आदि खाएं .
वजन नियंत्रित रखें. वजन अधिक रहने से पीठ, हिप्स, घुटनों, एड़ी और पैरों पर अधिक दबाव पड़ता है. आर्थराइटिस के कारण वे पहले से ही खिंचाव व क्षतिग्रस्त होते हैं. वजन थोड़ा भी कम होने पर दर्द से काफी राहत मिलती है. ‘क्रैश डायट’ या भूखे रह कर वजन कम करने से अच्छा है कि संयमित और संतुलित भोजन की आदत डालें. भोजन में तेल और घी का प्रयोग कम करें. उबले हुए, ग्रिल या बेक किये हुए भोजन को प्राथमिकता दें. चीनी का उपयोग बंद कर दें. कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करें. इनमें काफी शूगर होता है. फलों में भी आम, शरीफा, चीकू आदि से परहेज करें.
अल्कोहल : इससे शरीर को काफी अधिक कैलोरी मिलती है. अत: इसका प्रयोग न ही करें, तो बेहतर है. यदि बंद न कर पाएं, तो काफी कम कर दें. प्रोसेस्ड फूड जैसे-बिस्कुट, केक, कुकीज, चीज, सैंडविच, बग्रर पिज्जा आदि का सेवन बंद कर दें. कम कैलोरीवाले फूड को प्राथमिकता दें जैसे-कम कैलोरीवाली दही, ताजे फल, साबूत अनाज के बिस्कुट, भुने चने, टोफू (सोया पनीर) आदि को आहार में शामिल करें.
दालचीनी से होता है फायदा
दालचीनी मैंगनीज, फाइबर, आयरन और कैल्शियम का अच्छा स्नेत है. यह बैड कोलेस्ट्रॉल और शूगर को कंट्रोल करता है. कोपनहेगन यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च में जिन मरीजों को आधा चम्मच दालचीनी पाउडर एक बड़े चम्मच शहद के साथ रोज नाश्ते से पहले दिया गया, उन्हें आर्थराइटिस के लक्षणों से जल्द ही राहत मिल गयी. इसका असर एक सप्ताह में ही देखा गया.
विटामिन डी का है अहम रोल
इस रोग में विटामिन डी भी काफी महत्वपूर्ण है. रोज आधा घ्ांटा धूप में बैठने से इस विटामिन की कमी दूर हो सकती है. डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी और आयरन के सप्लिमेंट ले सकते हैं. मछली तेल का कैप्सूल ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्नेत है. यह आर्थराइटिस की समस्या में राहत पहुंचाता है. ओमेगा-3 सारडिन, मैकरल, सालमन मछली के साथ ही सरसों तेल, तीसी के तेल और अखरोट में भी पाया जाता है. हफ्ता में पांच दिन 30 मिनट वाक करने से 150 कैलोरी प्रतिदिन खर्च होती है. प्रचुर मात्र में कैल्शियम और आयरन लें. ये चीजें हमें दूध, दही और कुछ प्रकार की मछलियों से प्राप्त होती हैं.
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