दवा खाकर दूर होगा गंजापन

आमतौर पर एक बार सिर के बाल झड़ जाने के बाद दोबारा नहीं आते हैं. बाल कई बार रोगों के कारण झड़ते हैं, तो कई बार बिना कारण के भी झड़ते प्रतीत होते हैं. इस रोग को एलोपेसिया आर्टा कहते हैं. अब कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इसका इलाज खोज लिया है. उनके द्वारा किये […]
उनके द्वारा किये गये शोध के अनुसार इम्यून सिस्टम में मौजूद कुछ कोशिकाएं इसके लिए जिम्मेवार होती हैं. वे बालों की जड़ों पर हमला करती हैं इससे बाल झड़ते हैं. अर्थात् बाल झड़ना एक ऑटोइम्यून डिजीज है. इसके उपचार के लिए एफडीए ने एक ड्रग भी एप्रूव कर दिया है.
इस ड्रग का ट्रायल भी किया जा चुका है. इस शोध के ट्रायल में कई एलोपेसिया के मरीजों में बाल पूरी तरह वापस आ गये. बाल पूरे आने में औसतन पांच महीने लगे. यह रोग पुरुष या स्त्री किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकता है. बाल अक्सर किसी भी हिस्से में थोड़ी-थोड़ी मात्र में झड़ते हैं. कभी-कभी इस रोग का असर पूरे शरीर में दिखाई देता है और पूरे शरीर के बाल झड़ने लगते हैं.
अब तक ऐसी कोई भी दवाई नहीं बनायी गयी थी, जो पूरी तरह से बालों को उगा सकती थी. इस कारण मरीज के काफी खर्च करने के बाद भी जब उसके सिर पर बाल वापस नहीं आते हैं, तो इससे वह मानसिक रूप से तनावग्रस्त भी हो जाता है. वैज्ञानिक दशकों से इन इम्यून सेल्स के बारे में जानने का प्रयास कर रहे थे. अब जाकर उन सेल्स को पहचाना जा सका है.
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