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महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य

Updated at : 27 Jul 2017 3:23 PM (IST)
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महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य

नयी दिल्ली : सरकार ने संसद में यह कहा है कि महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जायेगा. कानून मंत्री रविशंकर ने इस बात की जानकारी लोकसभा में दी. हालांकि इसी मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए आधार से लिंकअप की अनिवार्यता नहीं होगी. उन्होंने कहा […]

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नयी दिल्ली : सरकार ने संसद में यह कहा है कि महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जायेगा. कानून मंत्री रविशंकर ने इस बात की जानकारी लोकसभा में दी. हालांकि इसी मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए आधार से लिंकअप की अनिवार्यता नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि शादी के रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यत: शादी के महत्व को बनाये रखने, गुजारा भत्ता और उत्पीड़न के मामले को सुलझाने के लिए अनिवार्य किया गया है.

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उन्होंने वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का जिक्र किया, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है फिर चाहे वो किसी भी जाति धर्म का क्यों नहीं हो. उन्होंने कहा कि शादी के नाम पर जो धोखाधड़ी होती है उसे रोकने में रजिस्ट्रेशन से बहुत फायदा होगा. कई बार ऐसा होता है कि पत्नी को उसका हक देने से पति इनकार कर देता है.

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लॉ कमीशन ने पिछले दिनों सरकार को यह बताया था कि शादी में हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. जिन लोगों के पास शादी का कोई प्रमाण नहीं होता है, उनके लिए इससे निपटना मुश्किल हो जाता है. कमीशन ने कहा है कि जन्म और मृत्य रजिस्ट्रेशन एक्ट 1969 में अल्प संशोधन करना होगा, ताकि शादी का रजिस्ट्रेशन भी किया जाये. इस रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी धर्म के पर्सनल लॉ में संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी.

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