कैल्शियम का लेवल रखता है संतुलित

Updated at : 07 Jun 2017 12:22 PM (IST)
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कैल्शियम का लेवल रखता है संतुलित

शरीर को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी नींव यानी हड्डियां मजबूत हों. हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है कैल्शियम, पर यह कैल्शियम तभी हड्डियों को मजबूत बनाता है, जब विटामिन डी उसका अवशोषण करे. शरीर में विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूर्य की रोशनी है. सूर्य की पराबैंगनी बी किरणें हमारी […]

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शरीर को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी नींव यानी हड्डियां मजबूत हों. हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है कैल्शियम, पर यह कैल्शियम तभी हड्डियों को मजबूत बनाता है, जब विटामिन डी उसका अवशोषण करे. शरीर में विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूर्य की रोशनी है. सूर्य की पराबैंगनी बी किरणें हमारी त्वचा के कोलेस्ट्रॉल के साथ प्रतिक्रिया करती हैं और विटामिन डी का एक रूप बनाती हैं. फिर यह लिवर और किडनी से गुजरता और एक्टिव विटामिन डी बन जाता है, जिसके बगैर आपका शरीर कैल्शियम का अवशोषण नहीं कर सकता.
हालांकि, लगभग पूरे भारत में सूर्य की रोशनी की कमी नहीं है, फिर भी आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि भारत में 70 फीसदी लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं. विटामिन डी से हड्डियां तो मजबूत तो होती ही है, यह शरीर के इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है. यही कारण है कि विटामिन डी की कमी (Vitamin D deficiancy) के कारण लाेग कई रोगों से ग्रसित हो जाते हैं, जिनमें रिकेट्स, लिवर और किडनी से जुड़े रोग, ऑस्टियोपोरोसिस, अल्जाइमर आदि शामिल हैं.
कैल्शियम के स्तर को बनाये रखता है : कैल्शियम के स्तर को शरीर मे बनाये रखने और इसके अवशोषण के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है, जिसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है, क्योंकि सूर्य का प्रकाश है इसका मुख्य स्रोत है. विटामिन डी का निर्माण सूर्य की रोशनी की मौजूदगी में शरीर द्वारा किया जाता है. यह दो प्रकार का होता है. विटामिन D2 और विटामिन D3. D2 को orgocalciferol और D3 को cholecalciferol भी कह जाता है. प्राकृतिक रूप से यह कुछ आहारों जैसे मछलियां, कॉड लिवर ऑयल, अंडे की जर्दी तथा फोर्टिफायड दुग्ध उत्पाद और अनाज में पाया जाता है. जिस प्रकार भारत में आयोडिन नमक जरूरी है, उसी प्रकार ब्रिटेन में अनाज में विटामिन डी मिलाया जाता है, जिसे फोर्टिफायड फूड कहते हैं. भारत में फोर्टिफायड आज भी नहीं मिलते और जो मिलते भी हैं, वे विदेशों से आयातित होते हैं. इसलिए सरकार को इस मामले में पहल करने की जरूरत है, इससे पहले की हमारे युवाओं की कमर कमजोर होकर झुक जाये.
क्यों जरूरी है कैल्शियम : कैल्शियम एक मिनरल है, जो हड्डियों एवं दांतों के निर्माण और उन्हें मजबूत बनाये रखने में मदद करता है. इसके साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन और मसल्स के निर्माण में भी सहायक होता है. कैल्शियम के स्तर को शरीर में बनाये रखने और इसके अवशोषण के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है. अगर विटामिन डी का स्तर शरीर में कम हो जाये, तो बोन में कैल्शियम की मात्रा भी कम होने लगती है. इसके कारण हड्डियों से कैल्शियम निकलने लगता है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियों से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं. आज कल आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं कैल्शियम की कमी के कारण आम हो गयी हैं.
डॉ दीपक मिश्रा
सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स, मेदांता, द मेडिसिटी, गुड़गांव, हरियाणा
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