Summer Health : चढ़ने लगा गर्मी का पारा, हीट स्ट्रोक से रहें सावधान 

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summer health : heat stroke

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तेजी से चढ़ता पारा और भीषण लू जानलेवा हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है. ऐसे में सही खान-पान और बचाव के सरल तरीके अपनाकर आप इस तपती गर्मी में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

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Summer Health : गर्मी के मौसम ने अभी से अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. अप्रैल के महीने में लोग जून जैसी गर्मी का सामना कर रहे हैं. देश के कुछ हिस्सों में सालों का रिकाॅर्ड तोड़ते हुए तापमान 40 के पार पहुंच चुका है. एक ओर चिलचिलाती धूप तो दूसरी ओर काम व नौकरी की दौड़. ऐसे में हीट स्ट्रोक एक आम समस्या बन जाती है. ध्यान न दिया जाये, तो यह जानलेवा भी हो सकती है. जानें क्या हैं इस समस्या के लक्षण और इससे कैसे करें बचाव.     

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कब आता है हीट स्ट्रोक

विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है. इस स्थिति में अधिक तापमान और आर्द्रता के कारण शरीर पसीने एवं सांस के जरिये खुद को ठंडा नहीं कर पाता. इसे ही हीट स्ट्रोक आना कहते हैं.

  • 50 सालों में भारत में हीट स्ट्रोक (लू) ने 17,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है, देश के शीर्ष मौसम वैज्ञानिकों द्वारा प्रकाशित शोध पत्र से मिली जानकारी के अनुसार.  
  • 1971 से 2025 के बीच लू चलने की 706 से अधिक घटनाएं हुई हैं. 
  • 40 डिग्री सेल्सियस तक मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान एवं पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो लू चलने लगती है, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार. 
  • 47 डिग्री सेल्सियस तक अगर तापमान पहुंच जाता है, तो इसे खतरनाक लू की श्रेणी में रखा जाता है.
    37 डिग्री सेल्सियस तापमान जब तटीय क्षेत्रों में हो जाता है तो हीट वेव चलने लगती है.   

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पहचानें इसके लक्षणों को  

  • चक्कर व बेहोशी आना 
  • थकान, कमजोरी महसूस होना
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • सिर में तेज दर्द होना
  • मितली आना या वोमेटिंग होना 
  • मुंह का बार-बार सूखना
  • बहुत ज्यादा पसीना आना
  • पल्स तेज चलना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन होना
  • शरीर का बहुत गर्म या ठंडा होना 

हीट स्ट्रोक आने पर क्या करें

पीड़ित व्यक्ति को ठंडी और छायादार जगह पर बिठाएं. उसके कपड़े ढीले कर दें, पानी पिलाएं. ठंडा कपड़ा मरीज के शरीर पर रखें और शरीर के तापमान को कम करने की कोशिश करें. लगातार तरल पदार्थ देते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. हाथ-पैरों की हल्के हाथों से मालिश करें, लेकिन तेल न लगाएं. नमक-चीनी का घोल, शरबत आदि दें. गुलाब जल में रुई भिगोकर आंखों पर रखें. इतना करने पर भी आराम न लगे, तो जल्द-से-जल्द डॉक्टर के पास ले जाएं. 

इससे बचने के लिए इन बातों पर दें ध्यान  

गर्मी के मौस में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. हरी सब्जियों एवं ताजे फलों का सेवन करें. चेहरे व शरीर पर सनस्क्रीन लगाएं. सूती व हल्के कपड़े पहनें. हैवी एक्सरसाइज करने से बचें. बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्ति का विशेष ख्याल रखें. हीट स्ट्रोक आने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं. पशुओं को भी धूप व गर्मी से बचाने के उपाय करें. शराब का सेवन व धूम्रपान न करें. खुले शरीर धूप में न निकलें. अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह न जाएं. सिंथेटिक कपड़े न पहनें. तेल मसाले व जंक फूड न खाएं. यदि जरूरी न हो तो तेज धूप में बाहर न निकलें. 

खान-पान में करें शामिल 

  • बेल का शरबत 
  • दही
  • नींबू पानी
  • आम पन्ना 
  • लौकी व अन्य हरी सब्जियां 
  • ककड़ी व खीरा
  • तरबूज व अन्य मौसमी फल
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