प्रेग्नेंसी में वर्क प्रेशर पड़ सकता है भारी, Harvard की रिसर्च में सामने आई बड़ी बात

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Prenatal Stress, AI Image

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Harvard की रिसर्च के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लंबे समय तक रहने वाला वर्क प्रेशर और मानसिक तनाव मां के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को भी प्रभावित कर सकता है. जानिए तनाव कम करने के आसान तरीके और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

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Prenatal Stress: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. इस समय सही खानपान, अच्छी नींद और तनाव से दूरी बहुत जरूरी होती है. लेकिन अगर इस दौरान महिला पर काम का ज्यादा दबाव रहता है, तो इसका असर सिर्फ मां की सेहत पर ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ सकता है. Harvard University की एक रिसर्च में बताया गया है कि गर्भावस्था के दौरान लंबे समय तक रहने वाला तनाव बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है.

Harvard की रिसर्च क्या कहती है?

Harvard की रिसर्च के अनुसार, अगर गर्भवती महिला लंबे समय तक तनाव में रहती है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल (Stress Hormone) का स्तर बढ़ सकता है. यह हार्मोन गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर असर डाल सकता है. रिसर्च में यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में बच्चे का जन्म के समय वजन कम होने का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर गर्भवती महिला या हर बच्चे के साथ ऐसा ही होगा.

वर्क प्रेशर क्यों बन सकता है परेशानी?

ऑफिस का काम, समय पर काम पूरा करने का दबाव और घर की जिम्मेदारियां कई बार गर्भवती महिलाओं का तनाव बढ़ा देती हैं. अगर यह तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो मां की सेहत के साथ बच्चे के विकास पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान काम और आराम के बीच संतुलन बनाकर रखना जरूरी है.

तनाव कम करने के लिए क्या करें?

अगर काम का दबाव ज्यादा है, तो बीच-बीच में आराम करें और पूरी नींद लें. रोज पौष्टिक भोजन करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. परिवार के लोगों से मदद लें और अपनी परेशानी छिपाने की बजाय डॉक्टर से बात करें. डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक या प्रेग्नेंसी के लिए सुरक्षित एक्सरसाइज भी तनाव कम करने में मदद कर सकती है.

इन बातों का रखें ध्यान

प्रेग्नेंसी के दौरान समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है. अगर लगातार तनाव, घबराहट या उदासी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें. सही खानपान, पर्याप्त आराम और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से मां और बच्चे, दोनों की सेहत का बेहतर ध्यान रखा जा सकता है.

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पुष्पांजलि

लेखक के बारे में

By पुष्पांजलि

मेरा नाम पुष्पांजलि है. मैं पिछले 2.5 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में मल्टीमीडिया जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रही हूं. इस दौरान मैंने मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ, फैशन, ब्यूटी और होम टिप्स से जुड़े कंटेंट पर काम किया है. मुझे ऐसे आर्टिकल लिखना पसंद है जो आसान भाषा में हों और पाठकों के लिए उपयोगी भी हों. मैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर रिसर्च करके SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करती हूं. इसके साथ ही आकर्षक हेडलाइन लिखना, सही जानकारी जुटाना और डिजिटल ऑडियंस की पसंद के अनुसार कंटेंट तैयार करना मेरी प्रमुख जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा है. मैं हमेशा नई चीजें सीखने और अपने लेखन को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. मेरा उद्देश्य ऐसा कंटेंट तैयार करना है जो लोगों तक सही जानकारी सरल और दिलचस्प तरीके से पहुंचाए.

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