ePaper

क्यों कभी खत्म नहीं होती इंसान की इच्छाएं? प्रेमानंद जी महाराज का हैरान करने वाला खुलासा

Updated at : 07 Mar 2026 6:14 PM (IST)
विज्ञापन
Premanand Ji Maharaj Spiritual Quotes on Bhakti and Desires

भक्ति और इच्छाओं पर प्रेमानंद जी महाराज के आध्यात्मिक विचार

क्या इच्छाओं को पूरा करने से सच में सुख मिलता है? प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि संसार की इच्छाएँ कभी खत्म नहीं होतीं. राजा ययाति की कथा से जानिए क्यों भक्ति, त्याग और ईश्वर स्मरण ही जीवन में सच्ची शांति और संतोष दिलाते हैं.

विज्ञापन

Premanand Ji Maharaj Spiritual Quotes on Bhakti and Desires: प्रेमानंद जी महाराज अक्सर अपने प्रवचनों में बताते हैं कि मनुष्य की अशांति का सबसे बड़ा कारण उसकी अनंत इच्छाएं हैं. मन जितना पाता है, उतना ही और पाने की चाह बढ़ती जाती है. इसी विषय पर उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य इच्छाओं के पीछे भागता रहेगा, तब तक उसे सच्ची शांति और संतोष नहीं मिल सकता. जीवन का वास्तविक आनंद त्याग, भक्ति और ईश्वर स्मरण में ही छिपा है.

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि अधूरी इच्छाएं मन को बेचैन बना देती हैं. मनुष्य चाहता है कि या तो उसकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएं या फिर वे पूरी तरह समाप्त हो जाएं. लेकिन संसार में इच्छाओं की पूर्ति कभी पूर्ण नहीं होती.

मनुष्य चाहे कितना भी धन, सुंदरता, प्रतिष्ठा या सुख क्यों न प्राप्त कर ले, मन की तृष्णा कभी समाप्त नहीं होती. – प्रेमानंद जी महाराज

राजा ययाति की कथा से समझाया जीवन का सत्य

महाराज ने पुराणों में वर्णित राजा King Yayati का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने हजारों वर्षों तक भोग-विलास का आनंद लिया. यहां तक कि उन्होंने अपनी आयु भी बढ़ा ली ताकि और अधिक सुख भोग सकें.लेकिन अंत में ययाति ने स्वीकार किया-

भोगों से कभी तृप्ति नहीं होती, जैसे आग में घी डालने से वह और भड़कती है.

त्याग में छिपा है शांति का राज

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार इच्छाओं को पूरा करने से नहीं, बल्कि उनका त्याग करने से शांति मिलती है. जब मनुष्य संसार की मोह-माया से ऊपर उठकर भक्ति में लग जाता है, तभी उसे वास्तविक संतोष मिलता है.

शांति भोग में नहीं, त्याग में है. जो जितना त्याग करता है, वह उतना ही भीतर से शांत होता है. – प्रेमानंद जी महाराज

महाराज ने यह भी कहा कि मनुष्य को यह नहीं सोचना चाहिए कि जब सारी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी तब भजन करेंगे. बल्कि अभी से ईश्वर का स्मरण और भक्ति प्रारंभ करनी चाहिए.

भगवान से धन, सुख या वैभव नहीं मांगो, उनसे अविरल भक्ति और अखंड स्मरण मांगो. – प्रेमानंद जी महाराज

यह भी पढ़ें: भक्ति के साथ कैसे जिएं सफल जीवन? प्रेमानंद जी महाराज ने बताई ये 3 जरूरी बातें

यह भी पढ़ें: हालात चाहे कितने ही मुश्किल हों, प्रेमानंद जी महाराज के विचार दिलाएंगे मन को सच्ची शांति

यह भी पढ़ें: प्रेमानंद जी महाराज के 20 अनमोल विचार, जो जीवन की हर समस्या का देंगे समाधान

विज्ञापन
Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola