Parenting Tips: बच्चों को दें रोज 15 मिनट और कराएं 3 एक्टिविटी, बनेगा स्मार्ट और क्रिएटिव

Published by : Sameer Oraon Updated At : 28 Aug 2025 10:25 PM

विज्ञापन

पेंटिंग बनाने की तैयारी करता बच्चा और उनके पास खड़े माता-पिता, Pic Credit- Meta AI

Parenting Tips: बच्चों की सोच और व्यक्तित्व का विकास सिर्फ पढ़ाई या डिजिटल गेम्स से नहीं होता. इस आर्टिकल में जानें 3 आसान एक्टिविटी- कहानी सुनाना, आर्ट और क्राफ्ट, और आउटडोर टीम गेम्स जो बच्चों की सोच को सकारात्मक रूप से बदल सकती हैं. ये एक्टिविटी न केवल बच्चों की रचनात्मकता और कल्पना शक्ति बढ़ाती हैं, बल्कि टीमवर्क, लीडरशिप और सामाजिक बुद्धिमत्ता को भी मजबूत करती हैं. Parents को चाहिए कि वे रोजाना थोड़ा समय बच्चों के साथ इन एक्टिविटी में बिताएं, जिससे उनके बच्चे स्मार्ट, क्रिएटिव और खुशहाल बनें.

विज्ञापन

Parenting Tips: बच्चों की सोच और व्यक्तित्व का विकास उनके छोटे-छोटे अनुभवों और गतिविधियों से होता है. आजकल के माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और करियर को लेकर ज्यादा फोकस रखते हैं, लेकिन बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए रोजमर्रा की कुछ एक्टिविटी बेहद जरूरी हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल पढ़ाई और डिजिटल गेम्स नहीं, बल्कि कुछ खास एक्टिविटी अपनाकर आप बच्चों की सोच और दृष्टिकोण को सकारात्मक रूप से बदल सकते हैं.

कहानी सुनाना और पढ़ना

कहानी सुनाना या पढ़ना बच्चों की कल्पना शक्ति और भाषा कौशल को बढ़ाता है. इससे बच्चों में क्रिएटिव थिंकिंग और समस्या सुलझाने की क्षमता मजबूत होती है. माता-पिता रोजाना कम से कम 10–15 मिनट बच्चों के साथ कहानी पढ़ें या सुनाएं. यह समय बच्चों के साथ बॉन्डिंग बढ़ाने और उनके भावनात्मक विकास के लिए भी बहुत फायदेमंद है.

Also Read: बच्चे के गुस्सैल स्वाभाव से हैं परेशान? अपनाएं सुपर सिंपल ट्रिक्स बनेगा MS Dhoni जैसा कूल

आर्ट और क्राफ्ट एक्टिविटी

पेंटिंग, ड्राइंग और छोटे क्राफ्ट प्रोजेक्ट बच्चों की रचनात्मक सोच को बढ़ाते हैं. इनसे उनकी माइंडफुलनेस और फोकस बढ़ता है, साथ ही हाथों की मोटर स्किल्स भी मजबूत होती हैं. उदाहरण के लिए, बच्चों को अलग-अलग रंगों और सामग्रियों के साथ प्रोजेक्ट बनाने दें. यह एक्टिविटी बच्चों को अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर देती है और उनकी सोच में नवाचार लाती है.

आउटडोर और टीम गेम्स

टीम गेम्स और आउटडोर एक्टिविटी बच्चों में लीडरशिप, टीमवर्क और स्ट्रैटेजिक थिंकिंग को बढ़ाती हैं. ये न केवल फिटनेस के लिए जरूरी हैं, बल्कि बच्चों को सामाजिक और भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी सिखाती हैं. चाहे वह क्रिकेट हो या कोई सरल टीम गेम, बच्चे खेलते हुए निर्णय लेना, दूसरों के साथ तालमेल बैठाना और जीत-हार को सहजता से स्वीकार करना सीखते हैं.

Also Read: Parenting Tips: बच्चों को मना करने के बाद भी वे वही काम क्यों करते हैं? जानें हैरान कर देने वाला जवाब

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola