5 साल से पहले बच्चे को जरूर सिखा दें ये 5 अच्छी आदतें, छोटी सी सीख बदल सकती है बच्चे का पूरा भविष्य

अपनी बेटी को अच्छी आदतें सिखाती हुई उसकी मां AI image
Parenting Tips: अगर आपके घर में भी 5 साल से कम उम्र का बच्चा है, तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम का है. कई बार माता-पिता अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिनका असर बच्चे की पूरी जिंदगी पर पड़ सकता है. जानिए 5 ऐसी आदतें, जिन्हें सही उम्र में सिखाना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है.
Parenting Tips: हर माता-पिता की यह ख्वाहिश होती है कि वे अपने बच्चों को ऐसी परवरिश दें कि दुनिया के सामने उनकी एक अलग पहचान बने और हर कोई उन्हें पसंद करे. अक्सर माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर स्कूलों में पढ़ाते हैं और उनकी हर एक जरूरत को पूरा करते हैं, ताकि वे जीवन में एक अच्छे और सुलझे हुए इंसान बन सकें. लेकिन, इसके बाद भी कई बार बच्चे जीवन में कुछ खास नहीं कर पाते, क्योंकि पैरेंट्स शुरुआती दौर में ही कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना भूल जाते हैं. अगर आपके घर में भी छोटे बच्चे हैं और उनकी उम्र इस समय 5 साल से कम है, तो आज का यह आर्टिकल आपके बहुत काम का है. बता दें कि 5 साल तक की उम्र को बच्चों के मेंटल और फिजिकल डेवलपमेंट के लिए सबसे जरूरी माना जाता है. इस उम्र में बच्चे जो कुछ भी देखते या सुनते हैं, उसे बहुत जल्दी सीख लेते हैं और अपने व्यवहार में ढाल लेते हैं. इसीलिए, बच्चों में कुछ बुनियादी और अच्छी आदतें डालने के लिए इस उम्र को बिल्कुल परफेक्ट समय माना गया है. यही छोटी-छोटी आदतें आगे चलकर जिंदगीभर उनके काम आती हैं. तो चलिए, आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही 5 आदतों के बारे में विस्तार से बताते हैं, जिन्हें आपको अपने बच्चे को 5 साल की उम्र से पहले जरूर सिखा देना चाहिए.

नमस्ते करना और थैंक यू बोलना
आपको अपने बच्चे को 5 साल की उम्र से ही बड़ों की इज्जत करना सिखाना शुरू कर देना चाहिए. यह सबसे जरूरी कामों में से एक है. जब भी घर पर कोई मेहमान आए या फिर आपका बच्चा किसी बड़े से मिले, तो उसे 'नमस्ते' या फिर 'प्रणाम' जरूर करना सिखाएं. इसके अलावा, जब भी कोई आपके बच्चे को कोई भी चीज दे या फिर उसकी मदद करे, तो उसे 'थैंक यू' कहना भी सिखाएं. बचपन में सिखाई गई यह छोटी सी आदत उसे तमीजदार और संस्कारी बनाती है. जब आपका बच्चा छोटी उम्र से ही दूसरों की इज्जत करना सीख जाता है, तो सोसाइटी में भी हर कोई उससे प्यार करता है.
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खुद से हाथ धोना और साफ-सफाई का ख्याल रखना
आपने शायद यह कभी सोचा न हो, लेकिन साफ-सफाई का और एक अच्छी सेहत का डायरेक्ट कनेक्शन है. इसी वजह से यह और भी जरूरी हो जाता है कि आप अपने बच्चों को 5 साल की उम्र से पहले ही यह समझाना शुरू कर दें कि ये गंदगी और बैक्टीरिया हमारे शरीर को बीमार करने का काम कर सकते हैं. अपने बच्चों को हर दिन यह बताएं कि खाना खाने से पहले, टॉयलेट जाने के बाद और बाहर से खेल कर आने के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना क्यों जरूरी है. इसके अलावा, जब वे खांसते या फिर छींकते हैं, तो उस समय मुंह पर रुमाल रखना या फिर कोहनी को आगे करना भी उतना ही जरूरी है. ये छोटी सी आदतें आपके बच्चों को बीमारियों से दूर रहने में मदद करेंगी.
खिलौने और अपनी चीजें सही जगह पर रखना
अक्सर ऐसा होता है कि बच्चे खिलौनों से खेलने के बाद उन्हें पूरे बिस्तर पर बिखेरकर छोड़ देते हैं. एक माता-पिता होने के नाते, आपको खुद उनकी चीजों को साफ करने की जगह, उन्हें ही अपनी चीजों को समेटने का मौका देना चाहिए. खेल खत्म होने के बाद बच्चे से कहें कि वह अपने खिलौनों को वापस उनके डिब्बे या सही जगह पर रखे. शुरुआत में आप भी उनके साथ मिलकर यह काम कर सकते हैं ताकि उन्हें मजा आए. यह आदत बच्चों में जिम्मेदारी की भावना जगाती है और वे बड़े होकर एक ऑर्गनाइज्ड इंसान बनते हैं.
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अपनी चीजें दूसरों के साथ शेयर करना
आज के समय में ज्यादातर परिवारों में एक या दो ही बच्चे होते हैं. ऐसा होने की वजह से अक्सर बच्चों में 'सब कुछ तो मेरा ही है' वाली भावना जागने लग जाती है. आपके बच्चे के अंदर यह भावना न रह जाए, इसलिए उसे बचपन से ही अपनी चीजों को दूसरों के साथ शेयर करना सिखाएं. चाहे वह कोई खाने की चीज हो या उनके पसंदीदा खिलौने, उन्हें अपने दोस्तों या भाई-बहनों के साथ मिलकर खेलना सिखाएं. शेयरिंग की आदत से बच्चों में दूसरों की फिक्र करने की भावना पैदा होती है, जिससे वे आगे चलकर अच्छे भाई-बहन और दोस्त बनते हैं.
रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे को एक हेल्दी और ज्यादा अच्छी लाइफ मिले, तो उसके लिए एक सही रूटीन का होना बहुत ही जरूरी हो जाता है. बच्चे के फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट के लिए गहरी और पूरी नींद का होना बेहद जरूरी है. 5 साल की उम्र से पहले ही अपने बच्चे के सोने और जागने का समय फिक्स कर दें. रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने से बच्चा दिनभर एक्टिव और एनर्जेटिक रहता है. इसके अलावा, सुबह उठकर ब्रश करना और सही समय पर ब्रेकफास्ट करना बच्चे की सेहत को हमेशा बेहतर बनाए रखने में मदद करता है.
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By सौरभ पोद्दार
सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.
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