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Leap Year 2024: यदि लीप वर्ष न हो तो क्या होगा? जानिए इसे हटा दिया जाए तो क्या होगा अंजाम

Updated at : 28 Feb 2024 5:14 PM (IST)
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Leap Year 2024: यदि लीप वर्ष न हो तो क्या होगा? जानिए इसे हटा दिया जाए तो क्या होगा अंजाम

Leap Year 2024: हर चार साल बाद लीप वर्ष आता है. ऐसे में जानें कि अगर लीप वर्ष न होता तो क्या होता.

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Leap Year 2024: हम सब यह जानते हैं कि हर चार साल बाद लीप वर्ष आता है. इस साल, यानी 2024, भी एक लीप वर्ष है. सालों से इस विषय पर लोग चर्चा करते आ रहे हैं कि अगर लीप वर्ष हट जाए तो इससे क्या परिवर्तन आएंगे. लीप ईयर की शुरुआत के पीछे एक बड़ा इतिहास और कई कहानियां हैं. लीप वर्ष सामान्य 365 के बजाय 366 दिनों वाला एक साल होता है. एक सामान्य वर्ष की लंबाई लगभग 365.25 दिन होती है, न कि 365 दिन जैसा कि आमतौर पर कहा जाता है. लीप वर्ष हर चार साल में होता है और 4 से विभाजित होता है, इसमें कुल 366 दिन होते हैं. यह अतिरिक्त दिन 29 फरवरी को कैलेंडर में जोड़ा जाता है पर कई लोगों के विश्वास के विपरीत, हर चार साल में आने वाला साल लीप वर्ष नहीं होता. नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम के अनुसार, हर चार साल में एक लीप दिवस जोड़ने से कैलेंडर 44 मिनट से अधिक लंबा हो जाएगा.

लीप वर्ष के न होने से क्या होगा परिवर्तन?

लीप वर्ष के न होने से सबसे जाहिर परिवर्तन यही आएगा कि कोई भी अपने जन्मदिन लीप डे के दिन नहीं मनाएगा. सालो से जो लोग लीप डे यानी 29 फरवरी को पैदा होते हैं उनके मन में हमेशा यह विचार रहता है कि उन्हें अपना जन्मदिन कब मनाना चाहिए पर लीप वर्ष के हट जाने से उन्हें इसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं होगी. लीप ईयर के हट जाने से मौसम के समय में भी काफी बदलाव आएगा. कुछ 100 सालों के बाद सारे मौसम का समय बदल जाएगा. गर्मियों का मौसम नवंबर के महीने में आने लगेगा और सर्दियों का मौसम जुलाई में होगा.

लीप वर्ष शुरू करने का विचार कहां से आया?

लीप वर्ष की शुरुआत जूलियस सीज़र ने 45 BCE में की थी. जानकारियों के अनुसार रोमन लोग 355 दिन के कैलेंडर का इस्तेमाल करते थे. वह चाहते थे कि त्योहारों को एक ही मौसम में मनाएं, इसलिए हर दो वर्ष उन्हें 22 या 23 दिन के महीने बनाने पड़ते थे. जूलियस सीज़र ने चीजों को आसान करने के लिए कैलेंडर में दिनों को जोड़कर 365 दिनों का कैलेंडर बनाया, और इसकी वास्तविक गणना सीज़र के खगोलशास्त्री, सोसिजेन्स द्वारा की गई थी. उन्होंने हर चार साल के बाद आने वाले साल में एक दिन जोड़ दिया और उसे लीप ईयर का नाम दिया. 1582 में पोप ग्रेगरी XIII ने इस कैलेंडर में फिर से परिवर्तन लाने की कोशिश की जिससे यह सरल हो जाए. वह इस नियम के साथ आए कि जो साल पूरी तरह से 4 से विभाजित हो जाएगा वह लीप वर्ष कहलाएगा और उस साल में लीप डे जोड़ा जाएगा.

लीप वर्ष से जुड़ी कहानियां

लीप वर्ष के दिन को आयरलैंड में “बैचलर्स डे” के रूप में मनाया जाता है. इस दिन आयरलैंड में महिलाएं पुरुषों को शादी के लिए प्रपोज करती हैं. इसकी शुरुआत तब हुई थी जब सेंट ब्रिजेट ने सेंट पैट्रिक से महिलाओं को पुरुषों से उनसे शादी करने के लिए कहने का मौका देने की अपील की थी. यह माना जाता है कि इस ट्रेडिशन को मनाने से रोल्स को बैलेंस करने में मदद मिली, ठीक जिस तरह लीप ईयर कैलेंडर को बैलेंस करने में मदद मिलती है. इन्पुट-अनु कंडुलना

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Pushpanjali

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By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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