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Jaya Kishori: घर की महिलाओं की खुशियां ही घर की शांति की पहचान, छोटी-छोटी बातों से लाएं बदलाव

Updated at : 14 Oct 2025 9:08 AM (IST)
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Jaya Kishori Quotes on Women's Mental Health

Jaya Kishori Quotes on Women's Mental Health

जय किशोरी का यह प्रेरणादायक विचार हर परिवार के लिए सीख है. उन्होंने कहा कि घर की महिला की मानसिक सेहत का ख्याल रखना सभी की जिम्मेदारी है, क्योंकि उसकी खुशी ही पूरे परिवार की खुशियों की जड़ है.

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Jaya Kishori: जया किशोरी जी हमेशा जीवन से जुड़ी सच्चाइयों को सरल शब्दों में समझाने के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में उन्होंने एक ऐसा विचार साझा किया जो हर परिवार को सोचने पर मजबूर करता है. उन्होंने कहा कि घरवालों की जिम्मेदारी होती है महिला की मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना, क्योंकि अगर वह खुश नहीं होगी तो घर में किसी को भी खुश नहीं रख पाएगी.

जया किशोरी के इस विचार में आज के समय की एक गहरी सच्चाई छिपी है – परिवार की नींव महिलाओं की खुशी और मानसिक संतुलन पर टिकी होती है.

Jaya Kishori के संदेश से सीखें कैसे रखें महिलाओं की मानसिक सेहत का ध्यान

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जय किशोरी कहती हैं कि घर की महिलाएं सिर्फ जिम्मेदारियों का बोझ उठाने के लिए नहीं बनी हैं, बल्कि वे भी अपने सपनों, विचारों और भावनाओं के साथ एक इंसान हैं. परिवार को चाहिए कि वे महिलाओं को समझें, उनका सम्मान करें और उन्हें अपने निर्णयों में शामिल करें. आइए जानते हैं, जया किशोरी द्वारा बताए कुछ छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव जो हर घर में सुख और शांति ला सकते हैं-

  1. उन पर जिम्मेदारियों का बोझ न डालें – महिलाओं को हर काम की जिम्मेदारी अकेले न सौंपें. घर के सभी सदस्य मिलकर काम करें ताकि उन्हें मानसिक थकान न हो. अक्सर महिलाये अपनी थकान की समस्या शेयर नहीं कर पाती जिससे चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस की प्रॉब्लेम होने लगती है.

2. निर्णय लेने में उन्हें भी शामिल करें – घर के बड़े या जरूरी फैसलों में महिलाओं की राय को महत्व दें. इससे उन्हें सम्मान का एहसास होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है.

3. उन्हें अपने समय का अधिकार दें – हर महिला को अपने लिए समय निकालने का मौका दें अब चाहे वह कुछ देर पढ़ना हो, टहलना या अपने मनपसंद काम करना. यह मानसिक शांति के लिए जरूरी है.

4. परिवार का माहौल आरामदायक बनाएं – ऐसा वातावरण बनाएं जहां वह खुलकर बात कर सके और खुद को सहज महसूस करे ना कि डरी-सहमी सी.

    5. सम्मान सबसे जरूरी – पति और घर के बुजुर्ग अगर महिलाओं को सम्मान देंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे. इसलिए हर महिला के योगदान को पहचानें और धन्यवाद कहना न भूलें.

    छोटी-छोटी बातों से अगर हम महिलाओं की मानसिक शांति और खुशी का ध्यान रखेंगे, तो घर में सच्ची खुशी और संतुलन अपने आप लौट आएगा. आखिर, खुश महिला ही घर का सुख और समृद्धि की कुंजी होती है.

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    Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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    Pratishtha Pawar

    लेखक के बारे में

    By Pratishtha Pawar

    मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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