दवाओं की नहीं पड़ेगी जरूरत! बस ये 5 आयुर्वेदिक टिप्स अपना लें इम्यून सिस्टम होगी सुपर स्ट्रॉन्ग

Updated at : 14 Aug 2025 7:42 PM (IST)
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Immunity Booster Tips

Pic Credit- Chatgpt

Immunity Booster Tips: बदलते मौसम, प्रदूषण और तनाव के बीच इम्यूनिटी को मजबूत रखना जरूरी है. आयुर्वेद के ये 5 आसान टिप्स अपनाकर आप बिना दवाओं के प्राकृतिक तरीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं और बीमारियों से बच सकते हैं.

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Immunity Booster Tips: बदलते मौसम, प्रदूषण और तनाव के बीच बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. ऐसे में इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना बेहद जरूरी है. आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद से आप बिना किसी साइड इफेक्ट के प्राकृतिक तरीके से इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं. यहां हम आपको आयुर्वेद के 5 आसान टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद को बीमारियों से बचा सकते हैं.

दिन की शुरुआत हल्दी वाला गुनगुना पानी पीकर करें

आयुर्वेद में हल्दी को प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और इम्यूनिटी बूस्टर माना गया है. सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च डालकर पीने से शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और संक्रमण से बचाव होता है.

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आहार में मौसमी और ताजे फल-सब्जियां शामिल करें

चारक संहिता में लिखा है कि “ताजा और प्राकृतिक आहार ही श्रेष्ठ औषधि है.” मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल और साबुत अनाज शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं.

त्रिफला का सेवन करें

त्रिफला (आंवला, हरड़ और बहेरा) को आयुर्वेद में दीर्घायु और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है. रोज रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला पाउडर लेने से पाचन सुधरता है, रक्त शुद्ध होता है और शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ती है.

योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें

आयुर्वेद में मन और शरीर के संतुलन को इम्यूनिटी का आधार बताया गया है. रोज 20-30 मिनट योग, सूर्य नमस्कार और अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है, तनाव कम होता है. साथ ही यह रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार करता है.

नींद और दिनचर्या का पालन करें

अस्थिर नींद और अनियमित दिनचर्या इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है. आयुर्वेद में ‘दिनचर्या’ और ‘रात्रिचर्या’ पर जोर दिया गया है. रात में 10-11 बजे तक सोना और सुबह सूर्योदय से पहले उठना, शरीर की जैविक घड़ी को संतुलित रखता है और प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाता है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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