ePaper

Parenting: अपने बच्चों को सिखाएं धैर्य रखना, इस तरीके से डेवलप करें यह गुण, एक्सपर्ट टिप्स पढ‍़ें

Updated at : 28 Nov 2022 12:37 PM (IST)
विज्ञापन
Parenting: अपने बच्चों को सिखाएं धैर्य रखना, इस तरीके से डेवलप करें यह गुण, एक्सपर्ट टिप्स पढ‍़ें

Parenting: आत्मसंयम, धैर्य जैसे गुण बच्चों में घट रहे हैं जिसके लिए मुख्य तौर पर घर का माहौल और उनके आसापास रहने वाले लोगों का बिहेवियर जिम्मेदार है. बच्चे धैर्यवान बनें इसके लिए पैरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत है आगे पढ़ें.

विज्ञापन

Parenting: माता-पिता बच्चों से अक्सर यह चाहते हैं कि वो गुस्सा कम करें या ना करें और बड़ों की बात सुनें, धीरे-धीरे बोलें. पर कई बार अभिवावक यह भूल जाते हैं कि अगर हमें बच्चों को कुछ सीखना है तो उन चीजों को अपने ऊपर भी लागू करना चाहिए. क्योंकि बच्चे अपने माता पिता और बड़ों को देखकर बहुत सी चीजें सीखते हैं. ऐसे में बच्चों का व्यवहार और उनके अंदर धैर्य, आत्मनियंत्रण के गुण ज्यादातर इस बात पर निर्भर करता है कि घर का माहौल कैसा है और वहां रहने वाले बड़ों का व्यवहार कैसा है.

छोटी-छोटी बातों पर झल्ला जाते हैं पैरेंट्स

कई बार अभिवावाक छोटी छोटी बातों पर झल्ला जाते हैं और उनके सामने आपस में लड़ने लगते हैं, घर में एक तनावपूर्ण माहौल पैदा कर देते हैं, तो बच्चों को भी ऐसा लगने लगता है कि गुस्सा या झुंझलाहट एक तरह का उपाय है इस तरह की परेशानियों को खत्म करने का या कोई असुविधापूर्ण स्थिति से निपटने का यह एक तरीका है. बच्चे भी यही व्यवहार अपने अंदर लाने लगते हैं और जैसे-जैसे वो बड़े होते हैं उनमें तनाव झेलने की क्षमता खराब या कम होने लगती है.

पैरेंट्स इस तरीके से अपने बच्चों में धैर्य विकसित के प्रयास कर सकते हैं-

  • घर में शांतिपूर्ण माहौल रखने की कोशिश करें.

  • आत्मनियंत्रण के लिए रोल मॉडल बनें. बच्चों के सामने किसी भी परेशानियों को शांति और धैर्य से हल करना सिखाएं. उनके सामने निराश ना हो, ना जोर-जोर से चिलाएं.

  • अगर बच्चे जिद करते हैं, बदतमीजी करते हैं तो उनको पहले प्यार से समझाएं और अगर ना सुनते हों तो उनकी पसंदीदा चीजें थोड़ी देर के लिए ले लीजिए.

  • बच्चों को कोई भी बात तेज आवाज में ना समझाएं. उनको सारे दिशा निर्देश आराम से दें.

  • अच्छे व्यवहार के लिए उनकी प्रंशसा करें हो सके तो इनाम दें.

  • बच्चों को अच्छे और बुरे व्यहवार के फायदे और नुकसान बताएं.

  • बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं.

Also Read: ICMR New Guidelines: कम बुखार हो तो न लें एंटीबायोटिक्स, डॉक्टर्स के लिए भी जरूरी दिशानिर्देश जारी

Dr. Bhoomika Sachacher

Clinical Psychologist (मनोवैज्ञानिक)

Director, HEAL100-A Complete Psychological Care Centre

Mob No. 07488551634

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola