Kargil Vijay Diwas 2023: कारगिल विजय दिवस पर घूमने जाएं इन जगहों पर,जानें कितने बजट में पूरा कर सकते हैं ट्रिप

Published by : Shaurya Punj Updated At : 26 Jul 2023 6:38 AM

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Kargil Vijay Diwas 2023, Tourist Destinations In Kargil: 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी. आज हम आपको इस स्पेशल स्टोरी में बताएंगे कारगिल एक फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी हैं. लद्दाख जाने वाले अधिकतर यात्री कारगिल घूमने भी आते हैं.

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Kargil Vijay Diwas 2023:  कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान और भारत की जीत की खुशी में मनाया जाता है. यह युद्ध लगभग 60 दिनों से ज्यादा चला था और 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी. आज हम आपको इस स्पेशल स्टोरी में बताएंगे कारगिल एक फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी हैं. लद्दाख जाने वाले अधिकतर यात्री कारगिल घूमने भी आते हैं.

कारगिल में क्या है खास?

हसीन वादियों वाले कारगिल की हर जगह बेहद खूबसूरत है. यहां हर तरफ बर्फीली पहाड़ियां नजर आती हैं. ऐसा लगता है कि जैसे पूरा कारगिल बर्फ की चादर ओढ़े हुए है. यहां नदी के किनारे चादर ट्रेक (Chadar Trek) है. यह आपको एडवेंचर ट्रिप (Adventure Trip) का आनंद देगा. कारगिल में मुलबेख मोनस्ट्री (Mulbekh Monastery), फुगताल मोनस्ट्री (Phugtal Monastery), द्रास वैली (Dras Valley), कारगिल वॉर मेमोरियल (Kargil War Memorial), जंस्कार वैली (Zanskar Valley) आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

कारगिल वार मेमोरियल

कारगिल वार मेमोरियल वही जगह है, जहां देश आज से 20 वर्ष पहले कारगिल युद्ध में शहीद हुए अपने 500 से ज्यादा उन रणबांकुरों को प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कृतज्ञता से याद करता है, जिन्होंने देश की रक्षा करने में अपनी जान की बाजी लगा दी. इसे विजयपथ के रूप में भी जाना जाता है, यह गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है और इसमें एक स्मारक भी है जो बहादुर सैनिकों को समर्पित है. यहां का मुख्य आकर्षण गुलाबी बलुआ पत्थर की दीवार है, जिस पर देश के लिए लड़ते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम अंकित हैं. यहां “मनोज पांडे गैलरी” नाम की एक गैलरी है जो उस समय के दौरान ली गई तस्वीरों, युद्ध के दौरान खोजे गए हथियारों और तोपखाने को दिखाती है.

मुलबेख मठ

मुलबेक मठ कारगिल से 36 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 1 डी पर लेह की ओर स्थित है. मुल्बेक मठ का इतिहास का इतिहास जानने से पहले आपको बता दें कि जिस स्थान पर भगवान बुद्ध की 30 फीट की ऊंची मूर्ति मौजूद है उसे मुल्बेक मठ के नाम से जाना जाता है.   मुल्बेक मठ में मौजूद भगवान बुद्ध की 30 फीट ऊंची मूर्ति की कहानी भी बेहद रोचक है. कहा जाता है कि एक विशाल पत्थर के ऊपर इस अद्भुत मूर्ति का निर्माण किया गया है. जिस चट्टान पर मूर्ति का निर्माण किया गया है उनकी ऊंचाई लगभग 650 फीट बताई जाती है. भगवान बौद्ध की 30 फीट उंची मूर्ति को चूना-पत्थर के मिश्रण से तैयार किया गया है.

कहा जाता है कि मूर्ति को मिशनरियों द्वारा तराशा गया था, लेकिन कलाकृति को देखकर पता चला है कि ये मिशनरी तिब्बती नहीं थे, शायद लद्दाखी थे. मुख्य मूर्तिकला के पास खरोष्ठी लिपि में एक प्राचीन शिलालेख भी मौजूद है.

कारगिल ट्रिप का खर्च

अगर आप बजट ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो कारगिल एक अच्छा ऑपशन हो सकता है, बशर्ते ये इस बात पर निर्भर करत है कि आप कारगिल पहुंच कैसे रहे हैं, यानी आपने कारगिल आने के लिए रोड़, रेल या हवाई सेवा ली है. अगर दिल्ली से कारगिल (Delhi To Kargil Trip) की बात करें तो यहां से आप आसानी से लेह जा सकते हैं. इसके टिकट की कीमत करीब 3-4 हजार रुपये है. इसके बाद लेह से आप बस से कारगिल जा सकते हैं और बस का किराया 500-700 रुपये तक होगा. इसके बाद आप अपनी सहूलियत के हिसाब से होटल लेकर ठहर सकते हैं.
आप 3-4 दिन में कारगिल की ट्रिप (Kargil Trip) करके वापस आ सकते हैं. बस आपको लेह से कारगिल (Leh To Kargil) जाने में ही थोड़ा टाइम लगेगा, जो करीब 5 घंटे का रास्ता है. यहां आपको ट्रैवलिंग से ज्यादा घूमने का वक्त मिलेगा.

कैसे पहुंचें कारगिल?

अगर आप कारगिल (How To Reach Kargil) जाने का प्लान बना रहे हैं तो आप श्रीनगर (Srinagar) या सीधा लेह (Leh) जाकर कारगिल पहुंच सकते हैं. आप चाहें तो दिल्ली से लेह तक की सीधी फ्लाइट भी ले सकते हैं. इसके बाद आप लेह से कारगिल के लिए बस या टैक्सी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप 3-4 लोग हैं तो आराम से टैक्सी कर सकते हैं, जो आपके बजट (Budget Trip) में आ जाएगी.

2 महीने से ज्यादा लड़ा गया युद्ध

जम्मू कश्मीर का एक इलाका है कारगिल जो श्रीनगर से लगभग 205 किलोमीटर दूर है.यहां का मौसम काफी अलग है. गर्मियों में रात की ठंडी हवाओं से बड़ा सुकून मिलता है. वहीं सर्दियों में तो यहां और ज्यादा ठंडा रहता है.यहां शीतकाल में तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक रहता है. बताते चले कि कारगिल का युद्ध मई से लेकर जुलाई 1999 तक लगभग 2 महीने से अधिक समय तक लड़ा गया था.

कारगिल की जीत के बाद देश में मना जश्न

कारगिल युद्ध पर अब तक कई फिल्में बनीं. कारगिल की जीत के बाद से भारत में जश्न मना था. 23 साल पहले हुए इस कारगिल यु्द्ध में बॉलीवुड में अब तक कई बड़ी फिल्में बनी हैं. इसमें जेपी दत्ता की फिल्म एलओसी कारगिल फिल्म एक बड़ा उदाहरण है.इस फिल्म में संजय दत्त, अजय देवगन, सैफ अली खान, सुनील शेट्टी, संजय कपूर, अभिषेक बच्चन जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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