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Gita Updesh: स्वर्ग प्राप्ति का एकमात्र उपाय है सत्य- श्रीमद्भगवद गीता से जानें जीवन का सत्य

Updated at : 11 May 2025 8:40 AM (IST)
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Gita Updesh | Jaya Kishori Quotes on Life and Spirituality

Gita Updesh

Gita Updesh: जैसे समुद्र पार करने के लिए नाव जरूरी है, वैसे ही मोक्ष पाने के लिए सत्य का पालन अनिवार्य है- जानें गीता का यह गूढ़ संदेश.

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Gita Updesh: श्रीमद्भगवद गीता भारतीय संस्कृति का वह दिव्य ग्रंथ है जो जीवन के हर मोड़ पर हमें सही मार्ग दिखाता है. इसमें न केवल युद्ध के समय अर्जुन को धर्म का ज्ञान दिया गया, बल्कि आज भी यह शिक्षाएं हर इंसान के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं.

गीता में सत्य, धर्म और कर्म का गूढ़ संदेश मिलता है जो जीवन को दिशा देता है. ऐसा ही एक उपदेश गीता में सत्य की महिमा के संबंध में मिलता है, जो बताता है कि जैसे समुद्र पार करने के लिए नाव आवश्यक है, वैसे ही स्वर्ग की प्राप्ति के लिए केवल सत्य ही मार्ग है.

Gita Teachings in Hindi- श्रीमद्भगवद गीता से जानें जीवन का सत्य

“जैसे समुद्र के पार जाने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है, उसी प्रकार स्वर्ग के लिए सत्य ही एकमात्र सोपान है. सत्य के समान कोई धर्म नहीं.”

– श्रीमद्भगवद गीता

यह गीता का उपदेश मानव जीवन के मूल उद्देश्य और उसके सही साधनों को स्पष्ट करता है. इस श्लोक में दो महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं –

1.सत्य ही मार्ग है

जैसे किसी विशाल समुद्र को पार करने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा होती है, उसी प्रकार जीवन रूपी भवसागर से पार पाने और मोक्ष या स्वर्ग की प्राप्ति के लिए सत्य ही एकमात्र साधन है. बिना सत्य के न तो धर्म की स्थापना हो सकती है और न ही आत्मा की उन्नति संभव है.

2. सत्य के समान कोई धर्म नहीं

संसार में कई प्रकार के धर्म, संप्रदाय और कर्म होते हैं, परंतु गीता यह स्पष्ट करती है कि इन सभी में सर्वोच्च और शुद्ध धर्म ‘सत्य’ है. सत्य बोलना, सत्य का पालन करना और अपने विचारों, कर्मों में सत्य को अपनाना ही सच्चे धर्म का पालन है.

Shrimad Bhagavad Gita ka updesh jismein bataya gaya hai ki satya hi swarg prapti ka ekmatra marg hai – Gita shloka, satya ka mahatva, dharm aur moksha ke liye satya
Gita updesh: स्वर्ग प्राप्ति का एकमात्र उपाय है सत्य- श्रीमद्भगवद गीता से जानें जीवन का सत्य

Gita Updesh: जीवन में सत्य का महत्व

    आज के भौतिक युग में जहां लोग छल-कपट, झूठ और स्वार्थ की ओर अधिक झुक रहे हैं, वहां गीता का यह उपदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. सत्य बोलना अब केवल एक नैतिक मूल्य नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति का साधन बन गया है.

    • सत्य से मन को शांति मिलती है.
    • सत्य से विश्वास और सम्मान मिलता है.
    • सत्य से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

    जो व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, उसका आत्मबल और आत्मविश्वास अद्वितीय होता है.

    गीता का यह उपदेश हमें याद दिलाता है कि चाहे हम कितनी भी ऊंचाइयों को छू लें, अगर हमारे कर्म और विचार सत्य से जुड़े नहीं हैं, तो वह सफलता क्षणिक है. सत्य को जीवन का आधार बनाकर ही हम आत्मिक सुख और स्वर्ग की प्राप्ति कर सकते हैं. सत्य ही सच्चा धर्म है, और यही गीता का सनातन संदेश है.

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    Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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    Pratishtha Pawar

    लेखक के बारे में

    By Pratishtha Pawar

    मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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