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अश्लील विचारों का कारण केवल मानसिक बीमारी नहीं इस विटामिन की कमी भी हो सकती है वजह, जानें उपाय

Updated at : 29 Jun 2025 10:45 AM (IST)
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Bad Thoughts Causes

Pic Credit- Freepik For Symbolism Only

Bad Thoughts Causes: बार-बार अश्लील या नकारात्मक विचार आना विटामिन B12 और D की कमी का संकेत हो सकता है. जानें लक्षण, कारण और इससे बचने के उपाय.

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Bad Thoughts Causes: इंसान के शरीर में जब किसी चीज की कमी हो जाती है तो उसका सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही केवल नहीं बिगड़ता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी खराब हो जाता है. मानसिक स्वास्थ्य का मतलब केवल अवसाद या चिड़चिड़ानपन से नहीं बल्कि अनचाहे रूप से आने वाले गंदे विचार से भी है. अक्सर इसे लोग अनायास आने वाली चीज सोचकर हल्के में लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका एक कारण आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है?

मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है विटामिन की कमी

विशेषज्ञों के अनुसार, खासतौर पर कुछ विटामिन की कमी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, जिससे नकारात्मक, अश्लील या असामान्य विचार मन में बार-बार आ सकते हैं. आइए जानते हैं कौन सा विटामिन इस स्थिति से जुड़ा हो सकता है.

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विटामिन 12 की कमी को जोड़ा गया मानसिक लक्षणों से

विटामिन B12 की कमी को मानसिक लक्षणों से सीधा जोड़ा गया है. इसकी कमी से मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर का असंतुलन हो सकता है, जो हमारे मूड और सोच को प्रभावित करता है. B12 की कमी से अक्सर लोग अत्यधिक चिंता, डिप्रेशन और अनचाहे विचारों की शिकायत करते हैं.

क्या हैं लक्षण

इसके कई लक्षण हो सकते हैं. मानसिक रूप से थकान या मन का विचलित होना इसके उदाहरण हैं. इसके अलावा ध्यान न लगना, घ्रम या असामान्य सोच भी इसी के लक्षण हैं.

विटामिन D भी अवसाद या नकारात्मक सोच का बड़ा कारण

विटामिन D की कमी भी अवसाद, नकारात्मक सोच और मानसिक थकान से जुड़ी समस्याओं का बड़ा कारण हो सकता है. यह कमी अक्सर कम धूप में रहने वालों में लोगों में सामान्य तौर पर पाई जाती है. शोध बताते हैं कि यह विटामिन सेरोटोनिन नामक न्यूरोकेमिकल के उत्पादन में मदद करता है, जो मन को शांत रखने में सहायक होता है.

ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मानसिक संतुलन के लिए ज़रूरी

हालांकि यह विटामिन नहीं बल्कि एक आवश्यक फैटी एसिड है, लेकिन इसका जिक्र जरूरी है. इसकी कमी भी बार-बार आने वाले अनचाहे या गंदे विचार, चिंता और डिप्रेशन से जुड़ी हुई है.

नकारात्मक सोच के लिए केवल मानसिक कारण जिम्मेदार नहीं

कई अध्ययन और शोध में पाया गया है कि नकारात्मक सोच के लिए केवल मानसिक कारण जिम्मेदार नहीं हो सकता है बल्कि पोषक तत्वों की कमी भी हमारे सोचने के तरीके को प्रभावित कर सकती है. यदि बार-बार असामान्य, गंदे या हिंसात्मक विचार आ रहे हैं, तो केवल मनोवैज्ञानिक उपचार ही नहीं, खून की जांच करवा कर पोषक तत्वों की जांच भी करवाना जरूरी है.

क्या करें?

  • विटामिन B12 और D की नियमित जांच करवाएं.
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें.
  • धूप में समय बिताएं खासकर अगर सुबह का धूप हो तो बेहतर होगा
  • हरी सब्जियां, अंडा, दूध, मछली और अंकुरित अनाज अपने आहार में शामिल करें.
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, ध्यान और काउंसलिंग अपनाएं.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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