ePaper

झारखंड के इस सरकारी स्कूल में बेंच-डेस्क का घोर अभाव, 340 स्टूडेंट्स जमीन पर बैठकर पढ़ने को हैं मजबूर

Updated at : 03 Nov 2023 10:56 PM (IST)
विज्ञापन
government school jharkhand

सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे (फाइल फोटो)

प्राचार्य अनूप बड़ाईक ने बताया कि विद्यालय में करीब 35 बेंच-डेस्क हैं. इसमें नौवीं व दसवीं के बच्चों को बैठाया जाता है. कुछ दिन पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था. उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी गयी थी.

विज्ञापन

चंदवा (लातेहार), सुमित कुमार: लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड का एक ऐसा विद्यालय, जहां आज भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं. राज्य व केंद्र सरकार इन दिनों स्कूली बच्चों के समुचित विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उनकी प्राथमिक शिक्षा के लिए कोई कमी नहीं छोड़ रही है. शिक्षा के अलावा सरकार मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति समेत बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दे रही है. स्वच्छता के लिए भी नये-नये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं कई विद्यालयों में बालिकाओं के समुचित पोषण को लेकर सेनेटरी पेड बैंक भी खोले गये हैं. इन सब के बावजूद चंदवा प्रखंड की हुटाप पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय हुटाप का हाल बेहाल है.

आवंटन का है अभाव

उत्क्रमित उच्च विद्यालय हुटाप में करीब 420 बच्चे नामांकित हैं. आश्चर्य की बात यह है कि इन 420 बच्चों के लिए पूरे विद्यालय में महज करीब 35 बेंच-डेस्क ही उपलब्ध हैं. वर्ग एक व दो के लिए टेबल मौजूद है. इसमें बच्चे नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं, पर वर्ग तीन से आठ तक करीब 340 बच्चे रोजाना जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं. प्रखंड के अन्य दूसरे विद्यालयों में सभी वर्ग के बच्चों के लिये बेंच-डेस्क उपलब्ध है. मजे की बात यह है कि विभाग के उच्च अधिकारियों को भी मामले की जानकारी है. बावजूद विद्यालय में यह स्थिति बनी है. इतना ही नहीं प्रखंड के दर्जनों विद्यालय में बेंच-डेस्क होने के बावजूद उन्हें इसके लिए आवंटन दिया गया है. कई विद्यालय यह आवंटन वापस भी कर रहे हैं. उउवि हुटाप में आवंटन नहीं मिलने से यहां बेंच-डेस्क की खरीद नहीं हो पा रही है.

Also Read: झारखंड: ईडी की टीम जमीन घोटाला मामले में जांच करने पहुंची रांची की होटवार जेल

क्या कहते हैं प्राचार्य

इस संबंध में प्राचार्य अनूप बड़ाईक ने बताया कि पूरे विद्यालय में कुल करीब 35 बेंच-डेस्क ही हैं. इसमें नौवीं व दसवीं के बच्चों को बैठाया जाता है. कुछ दिन पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी विद्यालय का निरीक्षण किया था. उन्हें भी कमी बताई गयी थी. बावजूद इस पर कोई कार्य नहीं हुआ. डिमांड मांगी जाती है, पर आवंटन मिलता ही नहीं.

Also Read: 7th Pay Commission: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार का कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, इन प्रस्तावों को दी मंजूरी

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola