बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर सेना को ऑब्जेक्शन, गवर्नर से की शिकायत

फोर्ट विलियम के अफसर पर ममता बनर्जी के आरोपों से आहत भारतीय सेना राज्यपाल के पास पहुंची. फोटो : प्रभात खबर
बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच घमासान के बीच सेना की आपत्ति सामने आयी है. भारतीय सेना ने पूर्वी कमान के मुख्यालय फोर्ट विलियम के सीनियर ऑफिसर ने बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी के 13 जनवरी के बयान पर आपत्ति की है. राज्यपाल से इस मामले में शिकायत की गयी है और कहा गया है कि वे इस मामले में उचित कदम उठायें.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) पर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) केंद्र सरकार और इलेक्शन कमीशन पर बार-बार आरोप लगा रही है. अब सेना की ओर से राज्यपाल को एक शिकायत की गयी है. सेना ने कहा है कि बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि फोर्ट विलियम में पोस्टेड सेना का एक कमांडेंट भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है.
SIR के मुद्दे पर सेना के अधिकारी पर लगाये थे गंभीर आरोप
हालांकि, ममता बनर्जी ने उस अधिकारी की पहचान नहीं बतायी थी. इसके अलावा उन्होंने कोई और जानकारी भी साझा नहीं की थी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 13 जनवरी को दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विवादास्पद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सेना के जवान कमांड बेस का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसका उद्देश्य भाजपा को फायदा पहुंचाना है.
सेना ने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का किया आग्रह
ममता बनर्जी के इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि कमांड मुख्यालय फोर्ट विलियम से सेना के 2 जनरल ने पिछले सप्ताह राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की और एक पत्र सौंपा. माना जा रहा है कि इस चिट्ठी में ममता बनर्जी के दावों पर आपत्ति जतायी गयी है.
भारतीय सेना ममता बनर्जी के बयान से नाराज
सेना के अधिकारियों की राज्यपाल से मुलाकात में क्या बात हुई, इसका विवरण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन लोक भवन के अधिकारी ने कहा कि सीवी आनंद बोस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पिछले दिनों दिये गये बयान से भारतीय सेना नाराज है. ममता बनर्जी ने कहा था कि फोर्ट विलियम में तैनात रहते हुए सेना का एक कमांडेंट भाजपा के लिए काम कर रहा था.
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13 जनवरी को नबान्न में दिया गया ममता बनर्जी का बयान
मुझे जानकारी मिली है कि फोर्ट विलियम में तैनात एक कमांडेंट एसआईआर में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहा है. वह वहां बैठकर भाजपा ऑफिस का काम कर रहा है. मैं उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि वह ऐसी गतिविधियों से बाज आयें.
गवर्नर ने कहा था- संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन हुआ होगा, तो जरूर करेंगे हस्तक्षेप
अधिकारी ने बताया कि बंगाल के राज्यपाल ने इस संबंध में संभवत: रक्षा मंत्रालय से बातचीत की है. इससे पहले राज्यपाल से जब ममता बनर्जी के बयान पर उनका रियैक्शन पूछा गया था, तो गवर्नर ने कहा था कि पहले उन्हें खुद कन्फर्म करने दीजिए कि उन्होंने क्या कहा है. उन्होंने कहा था कि अगर बयान से संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन हुआ होगा, तो वे निश्चित रूप से हस्तक्षेप करेंगे.
फोर्ट विलियम के सीनियर ऑफिसर ने कही ये बात
हमारे 2 अधिकारियों ने हाल में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की ओर से दिये गये बयान के संबंध में राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने राज्यपाल से इस मुद्दे पर चर्चा की. गवर्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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