जेपी मॉर्गन की अधिकारी पर यौन गुलाम बनाने का आरोप, ब्राउन इंडियन जैसी रेसिस्ट टिप्पणी की, वायग्रा खिलाया और दीं धमकियां

लोर्ना हजदीनी और चिरायु राणा. फोटो- सोशल मीडिया एक्स
JPMorgan Chase Harassment Case: जेपी मोर्गन चेज के फाइनेंस डिवीजन की कार्यकारी निदेशक लोर्ना हजदीनी के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगा है. दक्षिण एशियाई मूल के एक बैंकर ने लोर्ना पर जबरन डेट-रेप ड्रग्स और सेक्स वर्धक दवाएं देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
JPMorgan Chase Harassment Case: कॉर्पोरेट जगत की चमक-दमक वाली जिंदगी के पीछे जी तोड़ मेहनत होती है. बॉस की हां में हां मिलानी पड़ती है और ना कहा तो प्रमोशन में देरी और नौकरी से निकालने की धमकी तक है. लेकिन अमेरिका के न्यूयॉर्क काउंटी सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल 2026 को एक मुकदमा दायर हुआ, जिसने कॉर्पोरेट जगत में खलबली मचा दी है. यह मुकदमा दक्षिण एशियाई मूल के एक प्रोफेशनल ने जेपी मॉर्गन चेस के लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन की कार्यकारी निदेशक लोर्ना हजदीनी के खिलाफ किया है. उन पर जॉन डो के साथ यौन उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी, डेट-रेप ड्रग्स और जबरन सेक्स वर्धक दवाएं देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यह केस पीड़ित की पहचान छिपाने के लिए ‘जॉन डो’ के नाम से किया गया है.
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे दौर का सिलसिला 2024 की वसंत ऋतु में शुरू हुआ, जब दोनों ने एक साथ काम करना शुरू किया. शुरुआत में अनुचित शारीरिक संपर्क जैसे पैर पर हाथ फेरना और आपत्तिजनक यौन टिप्पणियां की. लेकिन कोर्ट में दायर केस के अनुसार, यह जल्द ही उत्पीड़न के गंभीर रूप में बदल गया. जॉन डो का आरोप है कि हाजदिनी ने उसे ‘डेट-रेप ड्रग्’स दिए और उसकी इच्छा के खिलाफ यौन क्रियाएं कीं.
एक घटना में, कथित तौर पर उसके मना करने और रोने पर उसे डांटा गया. मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि हाजदिनी उसे ‘माय लिटिल ब्राउन बॉय’ कहकर संबोधित करती थीं और नस्लीय आधार पर आपत्तिजनक बातें करती थीं. जब वादी ने उनके प्रस्तावों का विरोध किया, तो कथित तौर पर हाजदिनी ने कहा, ‘अगर तुम जल्द ही मेरे साथ संबंध नहीं बनाओगे, तो मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी… याद रखना, मैं तुम्हें कंट्रोल करती हूं.’
शिकायत करने पर जॉन डो के खिलाफ हुई कार्रवाई
इस मामले की पहली रिपोर्ट ब्रिटेन की वेबसाइट डेली मेल ने बुधवार शाम प्रकाशित की थी. इसमें कोर्ट फाइलिंग के विवरण दिए गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों को सुधार के लिए वापस ले लिया गया. ब्रिटिश टैब्लॉइड के अनुसार, अब हटाए जा चुके दस्तावेजों में यह भी आरोप था कि हाजदिनी बिना बताए राणा के फ्लैट पर पहुंचीं और उन्हें जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. हाजदिनी जॉन डो को बिना जानकारी दिए रोहिपनॉल या रूफीज और वियाग्रा देकर नशे में किया. उन्होंने अपने पीड़ित सहकर्मी के साथ ही उसकी पत्नी के ऊपर भी नस्लीय टिप्पणी की.
जॉन डो के अनुसार कंपनी ने उसकी सुरक्षा करने के बजाय उसके खिलाफ कार्रवाई की. शिकायत में आरोप है कि उसे धमकी भरे फोन कॉल मिले और चुप रहने के लिए डराया गया. डो का दावा है कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद उसे कंपनी के सिस्टम से बाहर कर दिया गया और जबरन अवकाश पर भेज दिया गया. वहीं, जिन अधिकारियों पर आरोप लगे, उनके खिलाफ कोई समान कार्रवाई नहीं हुई.
पीड़ित जॉन डो की पहचान हुई उजागर
द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जॉन डो की पहचान 35 वर्षीय चिरायु राणा के रूप में हुई है. कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें भारतीय मूल का और कुछ में नेपाली मूल का बताया जा रहा है. ऐसे में उनकी नेशनालिटी के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है. चिरायु वर्तमान में निवेश फर्म ब्रेगल सेजमाउंट में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत हैं.
उन्होंने मई 2025 में आंतरिक शिकायत भी दर्ज कराई थी. इसके बाद उन्होंने बैंक छोड़ने के लिए मिलियन डॉलर के भुगतान की बातचीत करने की कोशिश की. इस मुकदमे में जेपी मोर्गन चेज को भी प्रतिवादी बनाया गया है और बैंक पर प्रतिशोध लेने तथा उचित जांच न करने का आरोप लगाया गया है.
पीड़ित पर पड़ा बुरा असर
जॉन डो/चिरायु राणा के वकील डैनियल जे कैसर के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम का शिकायतकर्ता पर गहरा मानसिक और पेशेवर असर पड़ा है. उसे पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिस्ऑर्डर (पीटीएसडी) का सामना करना पड़ रहा है. उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित होने से उसे नई नौकरी मिलने में कठिनाई हो रही है. मुकदमे में पीड़ित ने आर्थिक नुकसान, मानसिक पीड़ा और प्रतिष्ठा को हुई क्षति के लिए मुआवजे के साथ-साथ कंपनी की नीतियों में बदलाव की भी मांग की है.
जेपी मोर्गन ने आरोपों को किया खारिज
वॉल स्ट्रीट की कॉर्पोरेट चमक-दमक को एक ऐसे मुकदमे ने झकझोर दिया है. इसने दुनिया भर के कर्मचारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है. इसने उच्च जोखिम वाली वित्तीय दुनिया में सत्ता के दुरुपयोग की भयावह तस्वीर पेश की है. हालांकि, जेपी मोर्गन ने इन आरोपों से खुद को अलग बताया है. बैंक ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है.
बैंक के एक प्रवक्ता ने द न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि मानव संसाधन विभाग, फोन रिकॉर्ड और ईमेल की समीक्षा और इन-हाउस वकीलों द्वारा की गई विस्तृत जांच में आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला. कई कर्मचारियों ने जांच में सहयोग किया, लेकिन शिकायतकर्ता ने इसमें भाग लेने से इनकार किया और अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक तथ्य भी उपलब्ध नहीं कराए.
रिपोर्ट के अनुसार, हाजदिनी राणा की बॉस नहीं थीं, बल्कि दोनों लेवरेज्ड फाइनेंस टीम में सहकर्मी थे, जो अधिग्रहण, विलय और बायआउट जैसे मामलों को संभालती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाजदिनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रैंडन ग्रैफियो थे, जबकि राणा के जॉन वोल्टर, यानी हाजदिनी के पास उनके वार्षिक बोनस को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं था.
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लोर्ना हजदीनी कौन हैं?
उपलब्ध पेशेवर जानकारी के मुताबिक, हाजदिनी ने जेपी मोर्गन चेज में करीब 15 वर्षों तक काम किया है. 37 वर्षीया हाजदिनी ने वर्ष 2011 में जेपी मोर्गन में विश्लेषक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. समय के साथ उन्होंने पदोन्नति प्राप्त की और वर्ष 2021 में कार्यकारी निदेशक के पद तक पहुंचीं. फिलहाल वह बैंक के लेवरेज्ड फाइनेंस विभाग में कार्यकारी निदेशक के पद पर हैं.
द सन की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका काम बड़े कॉर्पोरेट सौदों और फाइनेंशियल सिस्टम से जुड़ा हुआ है. उनके पद के अनुसार, उनकी वार्षिक आय दो लाख डॉलर (लगभग 1.67 करोड़ रुपये) से अधिक मानी जाती है. हालांकि उनके निजी जीवन के बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है. विवादों के बाद से उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया है. हालांकि, उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार वह NYU स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में ग्रैजुएट हैं, जबकि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की डिग्री ली है.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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