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Jale Chaupal: वादों का हिसाब दो, जाले चौपाल में जनता ने नेताओं को घेरा, हुई गरमा-गरम बहस

13 Sep, 2025 6:20 am
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Jale Chaupal: वादों का हिसाब दो, जाले चौपाल में जनता ने नेताओं को घेरा, हुई गरमा-गरम बहस

जाले में मंच पर मौजूद प्रतिनिधि

Jale Chaupal Election Express: प्रभात खबर का इलेक्शन एक्सप्रेस जाले विधानसभा पहुंचा, जहां चौपाल में जनता ने नेताओं से सीधे सवाल किए. रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्याओं पर लोग खुलकर बोले. सत्ता पक्ष ने विकास कार्यों की गिनती कराई, तो विपक्ष ने सरकार की नाकामियां बताईं. चौपाल में जनता की आवाज जोरदार गूंजी.

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Jale Chaupal Election Express: प्रभात खबर का इलेक्शन एक्सप्रेस शुक्रवार को जाले विधानसभा क्षेत्र पहुंचा. जाले प्रखंड के आनंदपुर चौक स्थित हेरिटेज पब्लिक स्कूल में चौपाल का आयोजन हुआ. इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. जनता ने नेताओं से सवाल किए और वादों पर जवाब मांगे. सत्ता पक्ष ने विकास कार्य गिनाए तो विपक्ष ने खुलकर सवाल किया.

जनता के तीखे सवाल

लोगों ने कहा कि चुनाव से पहले कई वादे किए गए थे, लेकिन उनका असर आज तक दिखाई नहीं देता. बेरोजगारी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं. जनता ने नेताओं से पूछा कि इतने सालों में हालात क्यों नहीं बदले.

सत्ता पक्ष का जवाब

भाजपा के विपिन पाठक ने कहा कि राजद शासनकाल में बिजली महीनों तक नहीं रहती थी, सड़कें टूटी-फूटी थीं और स्कूलों की हालत खराब थी. अब गांव-गांव सड़कें पहुंच चुकी हैं, पुल-पुलिया बने हैं और स्कूलों की स्थिति सुधरी है. गरीबों की पेंशन राशि बढ़ी है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. जदयू के अतहर इमाम बेग ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अल्पसंख्यकों और आम लोगों के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं. विकास इतना ज्यादा हुआ है कि गिनाने बैठें तो वक्त कम पड़ जाए.

विपक्ष का हमला

जनुसराज की आमना खातून ने कहा कि कई गांव आज भी सड़क से वंचित हैं. किसान खाद, बीज और सिंचाई जैसी जरूरतों को लेकर परेशान हैं. कांग्रेस के सादिक आरजू ने मौजूदा विधायक पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल गुजर गए, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं. भाकपा माले के उदय कुमार यादव ने भ्रष्टाचार, सड़क, जलजमाव और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि अस्पतालों की हालत बेहद खराब है और सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है.

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पांच प्रमुख मुद्दे

  1. जगह-जगह जलजमाव की गंभीर समस्या है, उसका निदान किया जाये.
  2. अभी भी बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है, उसका निर्माण हो.
  3. छात्राओं के लिए महिला स्कूल व कॉलेज की स्थापना हो.
  4. सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म होना चाहिए.
  5. रोजगार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था हो.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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