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समाजसेवी पद्मश्री सुनीता कृष्णन को नहीं है कोरोना वायरस, सभी टेस्ट आये नेगेटिव

Updated at : 03 Mar 2020 9:58 PM (IST)
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समाजसेवी पद्मश्री सुनीता कृष्णन को नहीं है कोरोना वायरस, सभी टेस्ट आये नेगेटिव

समाजसेवी और पद्मश्री सुनिता कृष्णन को कोरोना वायरस नहीं है. वायरस की जांच के लिए किये गये सभी टेस्ट नेेगेटीव आये हैं. बता दे की बैंकॉक से लौटने के बाद सुनिता को खांसी और तेज बुखार था.

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हैदराबाद: समाजसेवी और पद्मश्री सुनिता कृष्णन को कोरोना वायरस नहीं है. वायरस की जांच के लिए किये गये सभी टेस्ट नेेगेटीव आये हैं. बता दे की बैंकॉक से लौटने के बाद सुनिता को खांसी और तेज बुखार था.

इसके बाद दो मार्च को उन्हें इलाज के लिए गांधी अस्पताल हैदराबाद में भर्ती कराया गया था. जहां कोरोना वायरस होने की शंका को लेकर उनकी जांच की गयी. उन्हें इलाज और निगरानी के लिए पृथक वार्ड में रखा गया था. मंगलवार को सुनिता कृष्णन ने बताया की कोरोना वायरस के लिए किये गये सभी जांच के रिपोर्ट नेेगेटीव आये हैं और बेहतर महसूस कर रही हैंं.

बता देंं कि सुनिता कृष्णन हैदराबाद में प्रज्जवला शेल्टर होम की संचालक है. जहां तस्करी की शिकार महिलाओं को रेस्क्यू करने के बाद रखा जाता है. महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें फिर से एक सामान्‍य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जाता है. महिला तस्करी मेंं बेहतर कार्य करने के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है. सुनीता ने बताया कि अपने काम  को लेकर वो बैंकॉक गयी थींं. जहां से उन्‍हें खांसी शुरू हो गयी और तेज बुखार भी आया. रविवार को वो वापस आयी थी.  इसके बाद वो खुद इलाज के लिए गांधी अस्पताल में गयी थी.

जानें कोरोना वायरस के लक्षण –

– विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो संक्रमण होते ही सबसे पहले मरीज को बुखार आता है

– जिसकी वजह से सिर में दर्द और पूरा शरीर थका-थका महसूस होने लगता है

– जिससे मांसपेशियों में भी जकड़न सी महसूस होने लगती है

– इसके बाद उसे खांसी होने लगती है जो की सूखी खांसी में बदल जाती है

– मरीज को खांसी के वजह से गले में लगातार दर्द रहने लगता है

– और एक हफ्ते बाद सांस से संबंधित सम्सयाएं आने लगती है. मरीज को सांस लेने में काफी परेशानी होने लगती है

ऐसे फैलने से रोके कोरोना वायरस को-

– सैनेटाइजर या साबुन लगाकर पानी से बार-बार हांथो को धोना चाहिए

– छींकते या खांसते समय टिशू पेपर या रूमाल का इस्तेमाल करना चाहिए,

– याद रहे रूमाल को भी बराबर धोते रहना चाहिए या फिर डिस्पोजेबल टिशू पेपर का ही प्रयोग करना चाहिए, जिसका एक बार उपयोग कर फेंक दें

– अगर पास में टिशू पेपर या रूमाल भी नही है तो बाजू का इस्तेमाल करें छींकने के लिए

– उसी हांथ से शरीर के बाकी अंगों को बिल्कुल न छूएं, पहले हाथ धो लें

– कोशिश करना चाहिए कि किसी भी संक्रमण से प्रभावित मरीज के आसपास न भटकें

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