Slow Walk Side Effects: धीमी गति से चलना बन सकता है कोरोना से मौत का कारण, नए शोध में हुआ खुलासा
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Mar 2021 10:34 AM
Slow Walk Side Effects, Death From Corona, Brisk Walking Benefits, Heart, Diabetes, Health News: ब्रिटेन के एक शोध में खुलासा हुआ है कि जो व्यक्ति धीमी गति से चलते हैं उन्हें कोरोना से मौत का खतरा ज्यादा होता है. बड़ी बात यह है कि इस शोध में सामान्य वजन के लोगों में मौत के खतरे को बढ़ते दिखाया गया है. जबकि, मोटे लोग और तेज गति से चलने वालों में कोरोना से मौत का खतरा कम होता है. आपको बता दें कि इस शोध के अध्ययन के लिए यूके बायोबैंक डाटा का उपयोग किया गया है. यह डाटा कोरोना के खतरों और चलने की गति की तुलना करके पाया गया है.
Slow Walk Side Effects, Death From Corona, Brisk Walking Benefits, Heart, Diabetes, Health News: ब्रिटेन के एक शोध में खुलासा हुआ है कि जो व्यक्ति धीमी गति से चलते हैं उन्हें कोरोना से मौत का खतरा ज्यादा होता है. बड़ी बात यह है कि इस शोध में सामान्य वजन के लोगों में मौत के खतरे को बढ़ते दिखाया गया है. जबकि, मोटे लोग और तेज गति से चलने वालों में कोरोना से मौत का खतरा कम होता है. आपको बता दें कि इस शोध के अध्ययन के लिए यूके बायोबैंक डाटा का उपयोग किया गया है. यह डाटा कोरोना के खतरों और चलने की गति की तुलना करके पाया गया है.
शोधकर्ताओं की मानें तो नार्मल वजन वालों के मुकाबले अधिक वजन या तेज गति से चलने वाले लोगों में कोरोना से मौत का खतरा न के बराबर होता है.
दरअसल, तेज चलने से हृदय तथा रक्त वाहिकाओं संबंधी पूरा सिस्टम सुचारु ढ़ंग से काम करता है.
नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो लोग धीरे चलते हैं उनमें कोरोना वायरस से मौत का खतरा चार गुना अधिक होता है. इसके लिए लीसेस्टर विश्वविद्यालय में शोध हुआ. जहां मध्यम आयु के यूके बायोबैंक प्रतिभागियों के वजन, चलने की स्पीड व कोरोना के बीच संबधों को जांचा-परखा गया. जिसमें पता चला कि धीरे-धीरे चलने वाले नार्मल वेट के लोगों में कोराना संक्रमित होने की संख्या तेजी से चलने वाले ज्यादा वजन के लोगों की तुलना में 2.5 गुना अधिक पायी गयी. इसके अलावा धीमी गति से चलने वाले लोग मौत के मामले में तेज गति से चलने वालों की तुलना में 3.75 गुना अधिक पाए गए.
अध्ययन के मुताबिक जो व्यक्ति एक घंटे में तीन किलोमीटर से कम चल पा रहा है वह धीमी गति की चाल रहे है. वहीं, जो व्यक्ति एक घंटे में चार किमी से अधिक दूरी तय कर ले रहे हैं वह तेज गति से चल रहा है.
आपको बता दें कि पूर्व में हुए एक खुलासे के अनुसार रोजाना 30 मिनट तेज गति से पैदल चलने से शरीर की 150 कैलोरी बर्न होती है. हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा हुए एक शोध से पता चलता है कि जो व्यक्ति तेज गति से पैदल चलते हैं उन्हें हृदय रोग का खतरा 31 प्रतिशत कम होता है. शोध के मुताबिक एक घंटे में थोड़े मिनट ज्यादा तेज चाल चलने वालों को पूरे दिन जिम में बहाये पसीने जैसी मेहनत करनी पड़ती है.
Also Read: Health News: खांसी से हो गये हैं परेशान, नहीं मिल रही राहत, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय, होगा जबरदस्त फायदा
-
इससे वजन मेंटेन रहता है
-
डायबिटीज का खतरा कम होता है
-
हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए बेहतर व्यायाम है
-
तनाव कम करने में सहायक होता है
-
मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं
Posted By: Sumit Kumar Verma
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










