ePaper

Menopause effects: मेनोपॉज का स्वास्थ्य पर प्रभाव

Updated at : 01 Aug 2024 11:02 PM (IST)
विज्ञापन
menopause

effects of menopause

महिलाओं में मेनोपॉज तब होती है जब उनका मासिक धर्म बंद हो जाता है और वे गर्भधारण करने में असमर्थ हो जाती हैं. इसका प्रभाव उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. जाने कैसे…

विज्ञापन

Menopause effects: मेनोपॉज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो महिलाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है. यह वह समय होता है जब एक महिला की मासिक धर्म बंद हो जाती है और उसकी फर्टिलिटी समाप्त हो जाती है. आमतौर पर, मेनोपॉज 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होती है. यह प्रक्रिया शरीर में कई बदलाव लाती है, जो महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है.

शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

1. हॉट फ्लैशेस-

मेनोपॉज के दौरान हॉर्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं को अचानक गर्मी का अनुभव हो सकता है, जिसे हॉट फ्लैशेस कहते हैं. यह आमतौर पर चेहरे, गर्दन और छाती में महसूस होता है और कुछ मिनटों तक रह सकता है.

2. हड्डियों की कमजोरी-

मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है. यह हड्डियों के टूटने की संभावना को भी बढ़ा सकता है.

3. दिल की समस्याएं-

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जो हृदय रोगों का कारण बन सकता है.

4. वजन बढ़ना-

मेनोपॉज के दौरान और बाद में कई महिलाओं का वजन बढ़ जाता है. यह मेटाबॉलिज्म की धीमी गति और हॉर्मोनल बदलावों के कारण होता है.

मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

1. मूड स्विंग्स-

हॉर्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं को मूड स्विंग्स का सामना करना पड़ सकता है. वे कभी खुश महसूस कर सकती हैं और कभी उदास. यह स्थिति कभी-कभी डिप्रेशन का रूप भी ले सकती है.

2. नींद की समस्या-

मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को नींद न आने की समस्या होती है. हॉट फ्लैशेस और रात में पसीना आने के कारण नींद बार-बार टूट सकती है.

3. तनाव और चिंता-

हॉर्मोनल बदलाव और शारीरिक परिवर्तन के कारण महिलाओं में तनाव और चिंता बढ़ सकती है. यह उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

समाधान और देखभाल

1. स्वास्थ्य आहार-

पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना जरूरी है. कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है.

2. व्यायाम-

नियमित व्यायाम से न केवल हड्डियों और दिल की सेहत अच्छी रहती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है. योग और ध्यान भी मानसिक शांति प्रदान कर सकते हैं.

3. पर्याप्त नींद-

अच्छी नींद के लिए सोने का समय निश्चित करना और सोने से पहले आरामदायक माहौल बनाना महत्वपूर्ण है.

4. डॉक्टर से परामर्श –

किसी भी समस्या या असुविधा के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. वे हॉर्मोनल थेरेपी या अन्य उपचार सुझा सकते हैं.

मेनोपॉज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही देखभाल और जागरूकता से महिलाएं इस चरण को स्वस्थ और खुशहाल तरीके से पार कर सकती हैं.

Also read: Premature aging: उम्र से पहले बूढ़े दिखने के क्या कारण हो सकते हैं?

विज्ञापन
Jaya Soni

लेखक के बारे में

By Jaya Soni

Jaya Soni is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola