Health Tips: अगर आपको भी है देर रात तक जगने की आदत तो तैयार रहें बीमारियों के लिए

Published by : Rishu Kumar Upadheyay Updated At : 14 Feb 2025 10:25 PM

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Health Tips: "स्वास्थ्य ही संपत्ति है" ये लाइन तो सबने सुनी होगी लेकिन जब पूरी दिनचर्या ही खराब हो तो सुखद स्वास्थ्य की कल्पना ही बेकार है.आजकल देर रात तक जागना इसी दिनचर्या का अहम हिस्सा बनते जा रहा है जिसका दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.

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Health Tips: आप सभी ने कभी ना कभी जरूर सुना होगा की “अर्ली टू बेड एंड अर्ली तो राइज ए मैन मेक हेल्दी वेल्दी एंड वाइज”. यानी जल्दी सोना और जल्दी उठना इंसान को स्वस्थ, संपन्न और बुद्धिमान बनाता है”. यह कहावत प्राचीन काल से चली आ रही है लेकिन आज भी बहुत ही कम लोग इसे असल जिंदगी में लागू करते हैं क्योंकि आज की व्यस्तता भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या का बोलबाला हो चुका है. कभी काम की व्यस्तता से तो कभी शौक वश रात में देर तक सोने और दोपहर तक उठने का प्रचलन जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनते जा रहा है. दिनचर्या की यह अनियमितता घर के छोटे बच्चों में भी देखी जाने लगी है लेकिन आपको पता है देर रात तक सोने की लत हमारे शरीर को कई गंभीर बीमारियों का घर बना सकता है. आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि देर तक सोने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

कमजोर इम्यून सिस्टम

कई शोधों में यह बात सामने आ चुका है कि अगर आप कम नींद लेते हैं या समय से नही सोते हैं तो आप अपने शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर कर रहे हैं और कमजोरी इम्यून सिस्टम वाला शरीर बीमारियों के निवास
केलिए उत्तम होता है. देर तक जगने से एंटीबॉडी और साइटोकिन्स के उत्पादन में बाधा पहुंचता है. एंटीबॉडी और साइटोकिन्स इम्यून सिस्टम का अहम हिस्सा होते हैं.नींद में अनियमितता के कारण व्हाइट ब्लड सेल्स में गिरावट आ सकती है जो मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी है.

मानसिक समस्या

अगर आपको भी देर रात सोने की आदत है तो इस आदत को सुधार लीजिए क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक देर तक सोने से कई मानसिक समस्याएं जन्म ले सकती हैं. इतना ही नही देर रात सोने से कोर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ जाता है और मेलाटोनिन हॉर्मोन का उत्पादन कम हो जाता है जिससे कमजोर याददाश्त, एकाग्रता की कमी, मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन की समस्या उत्पन्न हो सकती हैं. इसीलिए प्रतिदिन समय पर सोना जरूरी है.

डायबिटीज का खतरा

भारत में डायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. डायबिटीज के मौजूदा कई कारणों में एक प्रमुख कारण कम नींद लेना या फिर सोने-उठने के समय में अनियमितता है. देर रात सोने के कारण भोजन का पाचन बेहतर तरीका से नहीं हो पाता है जिससे ब्लड शुगर का लेवल बिगड़ जाता है यानी खून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है. इतना ही नहीं अगर सोने के समय में अनियमितता होती है तो इससे इंसुलिन के उत्पादन में बाधा पहुंचने लगती है जिसके कारण ब्लड में शुगर का संतुलन खराब हो जाता है जो डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक है.

हार्ट को नुकसान

देर रात में सोने के कारण पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता है. खाया हुआ भोजन अच्छे तरीके से पच नहीं पाता है. जिस कारण प्रतिदिन शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है जो धीरे-धीरे खून के साथ ब्लड वेसल्स में इकठ्ठा होने लग जाता है . वही देर रात तक जागने से ब्लड प्रेशर में भी असंतुलन होने लग जाता है. ये सभी कारण मिलकर हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं.

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Rishu Kumar Upadheyay

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