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शिशुओं को कोरोना के संक्रमण से बचायेगा मां का दूध

Updated at : 16 Apr 2020 4:35 AM (IST)
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शिशुओं को कोरोना के संक्रमण से बचायेगा मां का दूध

शिशु मां का दूध पी रहा है तो कोरोना वायरस यानी कोविड-19 उसे छू भी नहीं सकेगा. मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की क्षमता रखता है.

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शिशु मां का दूध पी रहा है तो कोरोना वायरस यानी कोविड-19 उसे छू भी नहीं सकेगा. मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की क्षमता रखता है. सदर अस्पताल एसएनसीयू के विशेषज्ञ व हथुआ में अनुमंडलीय अस्पताल के डॉ सौरभ अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के इस महामारी में शिशुओं को लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है. डॉ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशन में डॉक्टर प्रसव के बाद महिलाओं को यही सीख दे रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, शिशु के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से उसमें कोरोना वायरस का संक्रमण होने का खतरा हो सकता है. आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों के द्वारा गांवों में भी कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

कोरोना से शिशुओं पर विशेष खतरा कोरोना वायरस का संक्रमण किसी भी उम्र के लोगों में हो सकता है. ऐसे में बड़ों के साथ-साथ नवजात व शिशुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. अधिकतर देखा जाता है कि महिलाएं अपना फिगर मेंटेन के चक्कर में स्तनपान नहीं कराती हैं जबकि डॉक्टर सुझाव देते हैं स्तनपान न कराने से कई बीमारियां हो सकती हैं. जब कोरोना वायरस ने पांव पसारे तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों का आह्वान किया कि समझाएं, स्तनपान कराएं, इससे शिशु स्वस्थ होगा. पहला गाढ़ा दूध यानी पहला टीकासदर अस्पताल में स्त्री एवं रोग विशेषज्ञ डॉ. के मंजू कहती हैं प्रसव के एक घंटे के भीतर मां का पहला गाढ़ा पीला दूध अवश्य पिलाएं, यही पहला टीका है. छींक या खांसी आ रही हैं तो मास्क लगाकर स्तनपान कराएं फिर परिवार के किसी दूसरे से सदस्य को दे दें.छह माह के बाद पूरक आहार भी जरूरीबाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि छह माह से बड़े बच्चों को स्तनपान कराने के साथ ही पूरक आहार देना भी शुरू करना चाहिए. क्योंकि यही समय होता है जब उसका शारीरिक व मानसिक विकास होता है. इस दौरान दाल, दूध, दूध से बने पदार्थ, मौसमी फल और हरी सब्जियां भी खिलाना चाहिए.

कोरोना से शिशुओं पर विशेष खतरा कोरोना वायरस का संक्रमण किसी भी उम्र के लोगों में हो सकता है. ऐसे में बड़ों के साथ-साथ नवजात व शिशुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. अधिकतर देखा जाता है कि महिलाएं अपना फिगर मेंटेन के चक्कर में स्तनपान नहीं कराती हैं जबकि डॉक्टर सुझाव देते हैं स्तनपान न कराने से कई बीमारियां हो सकती हैं. जब कोरोना वायरस ने पांव पसारे तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों का आह्वान किया कि समझाएं, स्तनपान कराएं, इससे शिशु स्वस्थ होगा. पहला गाढ़ा दूध यानी पहला टीकासदर अस्पताल में स्त्री एवं रोग विशेषज्ञ डॉ. के मंजू कहती हैं प्रसव के एक घंटे के भीतर मां का पहला गाढ़ा पीला दूध अवश्य पिलाएं, यही पहला टीका है. छींक या खांसी आ रही हैं तो मास्क लगाकर स्तनपान कराएं फिर परिवार के किसी दूसरे से सदस्य को दे दें.छह माह के बाद पूरक आहार भी जरूरीबाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि छह माह से बड़े बच्चों को स्तनपान कराने के साथ ही पूरक आहार देना भी शुरू करना चाहिए. क्योंकि यही समय होता है जब उसका शारीरिक व मानसिक विकास होता है. इस दौरान दाल, दूध, दूध से बने पदार्थ, मौसमी फल और हरी सब्जियां भी खिलाना चाहिए.

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