Health News: मूड को रिफ्रेश करने से लेकर, आंखों की रोशनी और बेहतर नींद के लिए भी रोना जरूरी, जानें इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभ

Crying Benefits And Side Effects, Rone Ke Fayde Or Nuksan, Health News: जिस तरह हंसना हमारे सेहत के लिए जरूरी है, ठीक उसी तरह रोना भी. यह एक प्रकार का सामान्य मानवीय प्रक्रिया है जो खुशी या दुख में भी उत्पन्न हो सकता है. कई शोध में खुलासा हो चुका है कि रोना हमारे शरीर और दिमाग दोनों के लिए सेहतमंद है. बच्चों की पहली रूलाई से यह प्रक्रिया इंसान में शुरू हो जाती है. आइये जानते हैं रोने के स्वास्थ्य लाभ...
Crying Benefits And Side Effects, Rone Ke Fayde Or Nuksan, Health News: जिस तरह हंसना हमारे सेहत के लिए जरूरी है, ठीक उसी तरह रोना भी. यह एक प्रकार का सामान्य मानवीय प्रक्रिया है जो खुशी या दुख में भी उत्पन्न हो सकता है. कई शोध में खुलासा हो चुका है कि रोना हमारे शरीर और दिमाग दोनों के लिए सेहतमंद है. बच्चों की पहली रूलाई से यह प्रक्रिया इंसान में शुरू हो जाती है. आइये जानते हैं रोने के स्वास्थ्य लाभ…
रोने से हमारे आंख संक्रमण से बच सकते है. यह तनाव वाले हार्मोन और अन्य विषाक्त पदार्थ को बाहर करता है. आंखों की झिल्लियों सूखने से रोशनी की कमी हो सकती है. ऐसे में रोने से आंखों की नमी बरकरार रहती है और लंबे समय तक रोशनी भी बरकरार रहती है.
लंबे समय तक रोना हमारे आंखों से ऑक्सीटोसिन और अंतर्जात ऑपियोइड्स को रिलीज करता है. जो एंडोर्फिन के रूप में जाना जाता है. यह शारीरिक और भावनात्मक दोनों दर्द में रिलीज होते है. आपको बता दें कि ऑक्सीटोसिन का रिलीज होना शरीर को अंदर से शांत और कुछ देर के लिए सुन्न भी कर सकता है.
आपने भी रोने के बाद पाया होगा कि आप बेहतर महसूस करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि रोने के दौरान हम शरीर की कई विषाक्त पदार्थों और हार्मोन को शरीर से बाहर रिलीज कर देते है. जो तनाव का कारण होता है. रोने के बाद नींद अच्छी आती है. इम्यूनिटी मजबूत होती है और तनाव भी कम होता है. जिससे मूड रिफ्रेश हो जाता है.
दरअसल, एक अध्ययन की मानें तो शरीर से पसीना, मल-मूत्र या आंसू का निकलने से हमारे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर आ जाते है. आंसू बाहर आने से आंखों की सफाई होती है.
एक शोध की मानें तो आंसू का शरीर से निकलना हमें कई रोगों से भी बचाता है. यह दुख को तो कम करता ही है साथ ही साथ क्रोध और शर्मिंदगी के भाव को भी शरीर से समाप्त करके भावनात्मक संतुलन बनाने में मदद करता है. डर और थकान भी आंसू निकलने का कारण हो सकते हैं. येल विश्वविद्यालय में हुए एक शोध की मानें तो यह हमें वापस नार्मल कंडीशन में लाने में मददगार है.
एक शोध की मानें तो गर्भ में पल रहे बच्चे भी रोते है. ऐसा करने से उन्हें गर्भ के अंदर ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है.
एक अध्ययन के मुताबिक रोने से बच्चों को रात में बेहतर नींद आती है. हेल्थलाइन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जो बच्चे ज्यादा रोते हैं. उन्हें रात में लंबी नींद आती है.
Posted By: Sumit Kumar Verma
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