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Health And Fitness Tips For Women: बीवी या गर्लफ्रेंड की 30 की उम्र होने पर गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए जरूर करें ये काम

Updated at : 04 Mar 2021 12:22 PM (IST)
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Health And Fitness Tips For Women: बीवी या गर्लफ्रेंड की 30 की उम्र होने पर गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए जरूर करें ये काम

Health And Fitness Tips For Women: हार्मोन्स असंतुलन के कारण महिलाओं में पीरियड्स में अनियमितता, हैवी ब्लीडिंग होना, व्हाइट डिस्चार्ज या ल्यूकेरिया होने जैसी समस्याएं कम उम्र में पीरियड्स के साथ शुरू हो जाती हैं.

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Health And Fitness Tips For Women: महिलाओं ने अपनी काबिलियत के बल पर तकरीबन हर क्षेत्र में अपनी एक पहचान कायम की है. अगर महिलाएं जरूरी मेडिकल टेस्ट व रूटीन चेकअप को जीवन का हिस्सा बना लें, तो निश्चय ही शारीरिक व मानसिक रूप से हेल्दी रहेंगी और जिंदगी में बहुत आगे तक जा पायेंगी.

पेल्विक एरिया का अल्ट्रासाउंड

हार्मोन्स असंतुलन के कारण महिलाओं में पीरियड्स में अनियमितता, हैवी ब्लीडिंग होना, व्हाइट डिस्चार्ज या ल्यूकेरिया होने जैसी समस्याएं कम उम्र में पीरियड्स के साथ शुरू हो जाती हैं. इनसे एब्नॉर्मल यूटेराइन ब्लीडिंग, पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, यूटरस में सूजन, फ्रायब्रॉयड, एंडोमेट्रिओसिस, पेल्विक इन्फ्लैमेटरी डिजीज जैसी बीमारियों के होने का अंदेशा रहता है. ऐसे में अनदेखी करने पर इंफर्टिलिटी भी हो सकती है. इनका पता लगाने के लिए महिला के एब्डोमेन या पेल्विक एरिया का अल्ट्रासाउंड किया जाता है.

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करवाएं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग

20 से 22 वर्ष की उम्र की महिलाओं को हर महीने पीरियड्स के बाद ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन जरूर करना चाहिए. ब्रेस्ट में किसी तरह के बदलाव या कोई गांठ महसूस हो या फैमिली हिस्ट्री हो, तो महिलाओं को साल में एक बार क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिन कराना चाहिए. इसमें मेमोग्राम, ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड या एमआरआइ स्कैन किया जाता है. प्री-मेनोपॉज स्टेज पर पहुंची 38 से 40 वर्ष की महिलाओं को साल में एक बार ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए. 40 से 45 वर्ष की उम्र के बाद 2 साल में एक बार मेमोग्राम कराना चाहिए और 55 साल के बाद हर दो साल में जांच करायी जानी चाहिए.

पैप स्मीयर स्क्रीनिंग भी जरूरी

सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए 21 वर्ष की उम्र से महिलाओं को वर्ष में एक बार पैप स्मीयर स्क्रीनिंग या ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. जिन महिलाओं को पहले सर्वाइकल डिसप्लेसिया विकार हो चुका है. उन्हें 25 वर्ष की उम्र में सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग करानी चाहिए. 30 वर्ष के बाद हर 3 वर्ष के अंतराल में और 40 वर्ष की उम्र के बाद 5 वर्ष के अंतराल में 65 वर्ष तक टेस्ट करवानी चाहिए.

इनके अलावा महिलाओं को बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट, थायरॉयड टीएसएच टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग, डायबिटीज स्क्रीनिंग, कोलोरेक्टल कैंसर स्क्रीनिंग, लिवर फंक्शन टेस्ट, आइज चेकअप, हीमोग्लोबिन एचबी टेस्ट एक बार जरूर करवा लेना चाहिए.

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